जांजगीर-चांपा : योजनाओं का क्रियान्वयन उपलब्धियों पर केंद्रित हो -प्रभारी सचिव श्री देवांगन : कुष्ठ निवारण के लिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की प्रशंसा

जिला अधिकारियों की बैठक में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की   

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

जांजगीर-चांपा /18 मार्च 2021/प्रभारी सचिव श्री धनंजय देवांगन ने कहा कि विभागीय अधिकारी योजनाओं का परिणाम मूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित कर हितग्राहियों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले में कुष्ठ निवारण के लिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की प्रशंसा की। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा , तकनीकी शिक्षा सचिव और जिले के प्रभारी श्री धनंजय देवांगन ने आज कलेक्टर कार्यालय में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जांजगीर-चांपा समृद्ध जिला है। जिले की समृद्धि के अनुकूल यहां  काम  करने के बेहतर अवसर है। विभागीय अधिकारी  योजनाओं के बेहतर और उपलब्धि केंद्रित क्रियान्वयन के  सतत प्रयास करें ।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

     प्रभारी सचिव ने कहा कि नरवा, घुरवा, गरवा और बारी योजना छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त राशि और संसाधन उपलब्ध कराया गया है। लक्ष्य के अनुरूप योजनाओं की उपलब्धि भी परिलक्षित होनी चाहिए। उन्होंने गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस योजना पर केंद्र सरकार सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं  द्वारा  अनुसंधान एवं विश्लेषण किए जा  रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए गोबर खरीदी और खरीदी के अनुपात में वर्मी कंपोस्ट उत्पादन हो यह सुनिश्चित करें। गौठान समूह से जुड़े स्व सहायता समूह को आजीविका के पर्याप्त साधन उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप समूह आत्मनिर्भर बने,इसके लिए अधिक लाभ वाले व्यवसाय के लिए उन्हे प्रेरित करें।
       प्रभारी सचिव ने कहा कि नरवा विकास योजना के तहत जिस क्षेत्र में नाला बंधान  का कार्य किया गया है, वहां पर भू जल स्रोत सुधार का भी विश्लेषण कर योजना की उपलब्धि में उल्लेख अवश्य करें। इसी प्रकार बाड़ी से जुड़े किसानों की उपलब्धियों की समीक्षा निरंतर करते रहें। उन्होंने पशुधन विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि गोधन न्याय योजना, नस्ल सुधार योजना, कृत्रिम गर्भाधान योजना यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से किसानों के विकास से जुड़ी हुई योजना है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी  लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि सुनिश्चित करें।
      श्री देवांगन ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग में गर्भवती महिलाओं, संस्थागत प्रसव एवं शिशुवति महिलाओं,कुपोषित बच्चो के आंकड़ों में अंतर नहीं होनी चाहिए। यह विभाग आपस में समन्वय कर योजनाओ का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ निवारण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कुष्ठ मुक्त जिला का लक्ष्य लेकर अपनी उपलब्धि सुनिश्चित करें।
       प्रभारी सचिव ने महाप्रबंधक व्यापार एवं उद्योग के द्वारा योजनाओ की संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अतिरिक्त कलेक्टर को शो कॉज नोटिस जारी कर जवाब लेने के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित विभिन्न विभागों के उपलब्धियों की गहन समीक्षा की गई।  बैठक में वन मंडल अधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव,अपर कलेक्टर श्रीमती लीना कोसम, जिला पंचायत सीईओ श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

[contact-form][contact-field label=”Name” type=”name” required=”true” /][contact-field label=”Email” type=”email” required=”true” /][contact-field label=”Website” type=”url” /][contact-field label=”Message” type=”textarea” /][/contact-form]