छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राज्यरायपुर

रायपुर : ​​​​​​​राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी लोक गीतों और लोक नृत्यों की धूम

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)

रायपुर : ​​​​​​​राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी लोक गीतों और लोक नृत्यों की धूम

रायपुर. 1 नवम्बर 2021राज्योत्सव के मौके पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या छत्तीसगढ़ी लोक गीतों और लोक नृत्यों से सराबोर रही। लोक कलाकारों ने परंपरागत लोक संगीत, गीत और नृत्य से दर्शकों को प्रदेश की विविध संस्कृतियों, त्यौहारों, पर्वों और आदिवासी जीवन से परिचय कराया। लोक कलाकारों भूपेन्द्र साहू, सुनील तिवारी और श्रीमती कविता वासनिक ने अपने-अपने दल के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना, जस गीत, गौरी-गौरा गीत, भोजली, करमा, पंथी नृत्य, सुआ नृत्य, फाग गीत, पारंपरिक विवाह गीत, बसदेव गीत, भरथरी और राऊत नाचा जैसी अनेक विधाओं पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से मंच पर छत्तीसगढ़ के हरेली त्यौहार से लेकर होली तक के लोक जीवन और लोक संस्कृति को जीवंत किया। अरपा पैरी के धार, पता ले जा रे गाड़ीवाला रे, चौरा म गोंदा मोर रसिया, मोर संग चलव रे, महुवा झरे महुवा झरे, मंगनी म मांगे मया नइ मिलय रे मंगनी म, बखरी के तुमा नार बरोबर, छनन छनन बाजे वो पांव के पैजनियां दाई तोर, जोहर जोहर मोर गौरा गौरी जैसे पारंपरिक गीतों और नृत्यों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया।


Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!