
अंबिकापुर: रजत जयंती वर्ष पर नवा बिहान और इंजीनियरिंग कॉलेज में नशामुक्ति जागरूकता संगोष्ठी आयोजित
अंबिकापुर में रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी, समाजसेवी और शिक्षाविदों ने युवाओं को नशामुक्त जीवन और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
रजत जयंती वर्ष 2025 पर नशामुक्ति जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन

अंबिकापुर। रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सरगुजा तथा विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर के संयुक्त तत्वावधान में विश्वेश्वरैया भवन अकादमी ब्लॉक में नशामुक्ति जागरूकता विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं एवं समुदाय को नशे की लत एवं उसके दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक करना था।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो एवं विशिष्ट अतिथियों में बीके विद्या दीदी (संचालिका, प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र, अम्बिकापुर), एच. एस. तोंडे (सहायक प्राध्यापक, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय), वरिष्ठ समाजसेवी मंगल पांडेय (संयोजक, नवा बिहान), युवा समाजसेवी अनिल कुमार मिश्रा (समन्वयक, नवा बिहान), तथा अजय तिवारी (कर्मयोग राज्य समन्वयक, आर्ट ऑफ लिविंग) शामिल रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आर. एन. खरे, प्राचार्य विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज, ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि नशामुक्त समाज निर्माण एवं साइबर क्राइम से सुरक्षा हेतु पुलिस, स्वैच्छिक संगठन और शैक्षणिक संस्थानों का यह प्रयास सराहनीय है।
मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने का यह अभियान सरगुजा पुलिस और स्वैच्छिक संगठनों की अभिनव पहल है।
विशिष्ट अतिथि वक्ताओं ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए
बीके विद्या दीदी ने ध्यान और मेडिटेशन को नशामुक्त समाज निर्माण में उपयोगी बताया।
मंगल पांडेय ने कहा कि युवा फैशन, तनाव, असफलता और पीयर प्रेशर के कारण नशे की ओर बढ़ते हैं।
अनिल कुमार मिश्रा ने नशे के प्रकार, दुष्प्रभाव और छुटकारे के उपायों पर प्रकाश डाला।
अजय तिवारी ने नवा बिहान अभियान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
एच. एस. तोंडे ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से साइबर क्राइम, साइबर सुरक्षा और डिजिटल अरेस्ट के विषय पर जानकारी दी।
इसके अलावा महीधर दुबे, मोहन राव, मनोज देवांगन और पूजा पात्रे (सहायक प्राध्यापक, विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज) ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूनम दीवान (सहायक प्राध्यापक, मैकेनिकल विभाग) ने किया। आयोजन को सफल बनाने में इंजीनियरिंग कॉलेज के समस्त स्टाफ एवं नवा बिहान टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।












