किसान हितैषी योजनाओं से बढ़ी पंजीकृत किसानों की संख्या व रकबा

किसान हितैषी योजनाओं से बढ़ी पंजीकृत किसानों की संख्या व रकबा

P.S.YADAV/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// राज्य शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने अब किसान पंजीयन कराने में रुचि दिखा रहे हैं। यही कारण है कि विगत दो वर्षों में लगातार किसानों की पंजीयन संख्या में वृद्धि हो रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए जिले के 48928 किसानों ने पंजीयन कराया है जबकि पिछले वर्ष पंजीकृत किसानों की संख्या 38522 थी। इस वर्ष 10558 नए किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार धान के रकबे में भी 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष धान का रकबा 66581 हेक्टेयर है जबकि विगत वर्ष 55398 हेक्टेयर था।

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राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य में धान खरीदी के साथ ही कृषि आदान सहायता के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना मई 2020 से शुरू किया गया है। इस योजना के तहत किसानों को 4 किश्तों में राशि का भुगतान किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2020-21 में जिले के 35 हजार किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत 88 करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान तीन किश्त में किया जा चुका है। इस वर्ष राजीव गांधी किसान न्याय योजना का विस्तार करते हुए उद्यानिकी फसलों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है।

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अब खरीफ सीजन में खेती करने वाले किसानों को इस योजना के तहत 9000 रुपये प्रति एकड़ के आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी । वर्ष 2020 में धान की खेती करने वाले रकबे में उद्यानिकी फसलों की खेती करने पर लाभार्थियों को प्रति एकड़ 10000 रुपये इनपुट सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा वह किसान जो पूर्व में खरीफ सीजन में धान गन्ना मक्का और सोयाबीन दलहन तिलहन की खेती करते थे उन्हें भी इनपुट सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

कोदो, कुटकी और रागी की फसल बोने वाले किसान भी इस योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकेंगे।वह सभी किसान जो खरीफ की खेती करेंगे उन्हें 9000 रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का यह निर्णय राज्य की उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ फसल विविधीकरण से लोगों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने में भी सहायक होगा।