सरिया में भी दिखी भाजपाइयों की गुंडागर्दी, पत्रकार को पहले डराया धमकाया,अब पत्रकार ने लिखवाई नेता के खिलाफ एफआईआर

रजत डे (ब्यूरो चीफ) (कैलाश आचार्य) बरमकेला/सरिया :- पत्रकार आशीष यादव अपने एक मित्र के साथ पिछले 16 दिसंबर को साल्हेओना सोसायटी (धान उपार्जन केंद्र) पहुंचे हुए थे, जहां पर उन्हें सोसायटी में अव्यवस्थाएं नज़र आया तो अपने मोबाईल से कवरेज करने लगा. उसी वक्त वहां पर मौजूद एक बीजेपी नेता द्वारा जानबूझकर पत्रकार के साथ हुल्लड़बाजी किया गया, तथा समाचार कवरेज करने से रोका गया. उक्त बीजेपी नेता द्वारा किए गए कार्य को लेकर एक खबर प्रकाशित किया गया है. पत्रकार के साथ बीजेपी नेता की दबंगई के खबर को लेकर तिलमिलाए बीजेपी नेता द्वारा दबाव बनाने के लिए पत्रकार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है! बीजेपी नेता द्वारा विज्ञप्ति जारी कर बेबुनियाद खबर प्रकाशित कराई गई! जिसमें पत्रकार के ऊपर सीधा- सीधा अवैध उगाही का आरोप लगाया गया है! इसी कारण पत्रकार आशीष यादव ने सरिया थाने में 18 दिसंबर शनिवार को लिखित शिकायत दर्ज कराई है!

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जानिए क्या है पूरा मामला…

पत्रकार आशीष यादव ने अपनी लिखित शिकायत में उल्लेख किया है कि दिनांक 16/12/2021 गुरुवार को बरमकेला विकासखंड के साल्हेओना स्थित धान मंडी समाचार कवरेज करने गया हुआ था, फोटो वीडियो कवरेज करने के दौरान मंडी में उपस्थित भाजपा नेता राधामोहन पाणीग्राही के द्वारा आकर मुझसे मेरा परिचय पूछने पर मेरे द्वारा पत्रकार होने का परिचय दिया गया, पत्रकार शब्द सुनते ही भाजपा नेता राधामोहन पाणीग्राही के द्वारा नेतागिरी का धौंस दिखाते हुए खबर कवरेज ना करने की धमकी दी गई,भाजपा नेता के मना करने के बावजूद मुझे फोटो वीडियो बनाता देख आग बबूला हो गया और भाजपा नेता राधामोहन पाणिग्रही ने मेरे साथ अभद्र व्यवहार करते हुए हुज्जतबाजी करनी शुरू कर दी और फोन करके अपने भाजपा साथी चूड़ामणि पटेल को भी मंडी पर बुला लिया तथा मेरा मोबाइल ले लिया और मेरे मोबाइल में कवरेज किए गए खबर की फोटो वीडियो डिलीट कर दिया गया। घटना के वक्त साल्हेओना धान खरीदी केंद्र के जिम्मेदार मंडी प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी उपस्थित नहीं थे तथा जैसे तैसे मै भाजपा नेता राधामोहन से पीछा छुड़ाकर वहां से निकला और धान खरीदी केंद्र में अमानक धान के खरीदी के साथ-साथ भाजपा नेता की दबंगई की भी खबर प्रकाशित किया कि उक्त सोसायटी में सांठगांठ कर अमानक धान खापाए जाने और भाजपा नेता की दबंगई के खबर उजागर होने से तिलमिलाए भाजपा नेता चूड़ामणि पटेल के द्वारा मेरी छवि धूमिल करने व दबाव बनाने के उद्देश्य से मेरे ऊपर अवैध उगाही का झूठा आरोप लगाते हुए विज्ञप्ति जारी कर खबर प्रकाशित कराई गई है, जबकि कवरेज के दौरान मंडी में प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी उपस्थित नहीं थे, तथा संचालक मंडल के द्वारा मेरे ऊपर किसी प्रकार की शिकायत नहीं की गई है, इसके बावजूद भी भाजपा नेता चूड़ामंडी पटेल के द्वारा झूठा समाचार प्रकाशित कर मेरे छवि धूमिल करने व दबाव बनाने का कुप्रयास किया गया है! वर्तमान समय में शासन प्रशासन द्वारा प्रत्येक धान मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, इसलिए इस मामले को लेकर cctv का अवलोकन करने पर भाजपा नेता के आरोप और दबंगई स्पष्ट हो जाएगी। भाजपा नेता के उक्त कृत्य से आहात हुँ ! उक्त मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मंडी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की जावे तथा खबर कवरेज के दौरान मेरे मोबाइल को छीनकर फोटो वीडियो डिलीट करने वाले राधामोहन पाणिग्रही और झूठे आरोप लगाकर मेरी छवि धूमिल करने वाले भाजपा नेता चूडमणि पटेल के विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही की जाए।

आइए जानते हैं समिती प्रबंधक का कथन……..

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उक्त मामले में जब हमने समिती प्रबंधक से बात कि तो इन्होंने कहा कि घटना दिनांक के दिन मैं ट्रक लोड करवा रहा था और मैं घटना स्थल से दूर था, लेकिन वहां पर हो हल्ला हुआ था. मगर किसके किसके बीच हुआ था यह मै नहीं बता सकता हूं और उक्त पत्रकार द्वारा मुझसे किसी भी प्रकार से कोई पैसे की लेन देन की बात नहीं हुई और न ही उनसे मेरी मुलाकात हुई है।

आइए जानते हैं नोडल अधिकारी का कथन.……

उक्त मामले में नोडल अधिकारी ने कहा कि घटना दिनांक के दिन मैं 12 बजे से शाम 4 बजे तक बरमकेला में मीटिंग में गया हुआ था इसलिए मुझे कुछ भी मालूम नहीं है।

आइए जानते हैं बीजेपी नेता चूड़ामणि पटेल का कथन…….

उक्त मामले में इन्होंने कहा कि मैं वहां अपने धान बेचा था, उसकी पावती लेने गया हुआ था और मेरे सामने उक्त पत्रकार ने अपने पत्रकारिता का धौंस दिखाते हुए फोटो और वीडियो बनाया है और मेरे सामने ही स्टॉफ के चारों कर्मचारीयों से पैसे की मांग किया है। किंतु जिन चार कर्मचारियों से पैसा मांगा गया उनका नाम बार-बार पूछने पर भी उन कर्मचारियों का नाम नहीं बताया और बात को गोल-गोल घुमाते रहे !

आइए जानते हैं कांग्रेस नेता ताराचंद पटेल का कथन……

उक्त मामले में इन्होंने कहा कि प्रदेश में विगत 15 वर्षों से राज करने वाली बीजेपी नेता सहीत कार्यकर्ता अपना आपा खो बैठे हैं और भूपेश बघेल की नेतृत्व वाली सरकार को लेकर देश के चौथे स्तंभ रूपी पत्रकारों के ऊपर अवैध उगाही का झूठा आरोप लगा रहे हैं जिसकी मैं घोर निंदा करता हूं और इस मामले की जॉच कराई जानी चाहिए।

आइए जानते हैं अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिती के जिला अध्यक्ष का कथन…….

भाजपा नेता द्वारा पत्रकार साथी के साथ किये गए दुर्व्यवहार एवं प्रेस विज्ञप्ति जारी कर खबर प्रकाशित किए जाने की कड़ी निंदा करता हूं। पत्रकार साथियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भाजपा नेता पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए तथा उचित कार्रवाई ना होने पर आंदोलन किया जाएगा।

बीजेपी नेता के झूठे आरोपों की निकली हवा…

जब हमने न्यूज़ पोर्टल में लगाए गए समाचार और बीजेपी नेता के आरोप की पड़ताल करनी शुरू की तो परत दर परत सच्चाई सामने आने लगी। जहां खरीदी केंद्र के जिम्मेदार प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि हमसे उक्त पत्रकार की मुलाकात नहीं हुई है ना ही पत्रकार द्वारा किसी प्रकार के पैसों की मांग की गई है! आगे जब हमने खबर प्रकाशित करने वाले व्यक्तिगत ब्लॉग चलाने वाले को संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि मुझे उपरोक्त विज्ञप्ति अपने भाई चूड़ामणि पटेल के द्वारा उपलब्ध कराई गई है, तथा उपरोक्त खबर की पुष्टि के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उपरोक्त खबर को उनके द्वारा नहीं लिखा गया संपूर्ण खबर लिखकर भाजपा नेता के द्वारा भेजी गई थी! तथा अपनी गलती मानते हुए उक्त खबर को ब्लॉक से हटाने की बात कहते हुए माफी मांगी गई. और खबर का खंडन करने को कहा गया! ब्लॉग पर खबर प्रकाशित करने वाले सरिया के निवासी हैं तथा वर्तमान में पढ़ाई कर रहे हैं इस वजह से हमने उनका नाम उजागर नहीं किया है!

बहरहाल अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर समिती प्रबंधक और नोडल अधिकारी के कबूलनामें के बाद भी उक्त बीजेपी नेता द्वारा जानबूझकर पत्रकार को बदनाम करने की नियत से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया गया है जबकि हकीकत कुछ और सामने आ रही है ! अब यह देखना लाजिमी होगा कि पत्रकार की शिकायत पर किस प्रकार की कार्यवाही की जावेगी!