विद्यालय है अंग्रेजी माध्यम का हो रहा है हिंदी में पढ़ाई पालकों में पालकों आक्रोश ।

गोपाल सिंह” विद्रोही” प्रदेश ख़बर प्रमुख छत्तीसगढ़ -डीएवी पब्लिक स्कूल बिश्रामपुर मे इन दिनों अनुशासनहीनता के कारण इसका साख गिरता जा रहा है ।विद्यालय के कतिपय शिक्षिकाएं व्हाट्सएप फेसबुक पर तो विद्यार्थी इंस्टाग्राम पर व्यस्त रहते हैं ।

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जानकारी के अनुसार एसईसीएल बिश्रामपुर द्वारा संचालित डीएवी पब्लिक विश्रामपुर में अनुशासनहीनता अपनीअंतिम सीमा पर है। विद्यार्थी जहां खुलेआम अपनी कक्षाओं में मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं तो वही विद्यालय के कतिपय शिक्षक शिक्षिकाएं अपनी मर्यादा को ताक पर रखकर व्हाट्सएप एवं फेसबुक पर व्यस्त रहती हैं तो वही विद्यालय के विद्यार्थी इंस्टाग्राम पर डीएवी स्टूडेंट कम्युनिटी जैसे अन्य ग्रुप बनाकर विभिन्न प्रकार के वीडियो और पिक्चर अपलोड कर रहे हैं ।बच्चों और कतिपय शिक्षक शिक्षिकाओं की अनुशासनहीनता से विद्यालय का शाख गिरता जा रहा है ।इस संबंध में अभिभावकों जैसे ही इसकी जानकारी मिली तो वे सीधे विद्यालय के नव पदस्थ प्राचार्य हरीश कुमार पाठक से अपनी शिकायत लेकर पहुंचे परंतु छुट्टी पर होने के कारण कुछ अभिभावकों ने प्राचार्य के अनुपस्थिति में प्रभारी प्राचार्य अगस्तमुनि चौबे से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराई । पालकों ने स्पष्ट बताया की विद्यालय में अनुशासनहीनता अपनी चरम सीमा पर है जिसे सुधारा जाए, विद्यालय की कुछ शिक्षक एवं शिक्षिकाएं कक्षाओं में भी व्हाट्सएप एवं फेसबुक चलाती हैं जिन्हें देखकर बच्चे भी मोबाइल विद्यालय में इस्तेमाल कर रहे हैं। यही नहीं विद्यार्थी विद्यालय में सेल्फी लेकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर रहे हैं वीडियो बनाकर पोस्ट कर रहे हैं जो विद्यालय के अनुशासन को तोड़ता है। अंग्रेजी माध्यम विद्यालय है हिंदी में अध्ययन होता है ।पालकों ने बताया कि विद्यालय में बच्चों को इसलिए भेजा जाता है ताकि उनके बच्चे अंग्रेजी की बारीकियां सीखें और आज के दिनों में होने वाले कठिन स्पर्धाओं में बड़े शहरों के बच्चों के साथ अच्छा कंपटीशन दे सके परंतु यहां अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय हैं और बच्चों को हिंदी माध्यम भाषा में अध्ययन कराया जाता है। जो विद्यालय के व्यवस्था की विपरीत है। अभिभावकों ने कहां की विद्यालय के समय सीमा को तोड़ कर विद्यालय मे 8:45 बजे तक विद्यालय में बच्चे को पहुंचना चाहिए परंतु बच्चे 9 बजेआते रहते हैं यहां पर भी विद्यालय के अनुशासनहीनता स्पष्ट दिखती है

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बालक का प्रथम पाठशाला उसका घर होता है माता-पिता प्रथम गुर
प्रभारी प्राचार्य एवं हिंदी शिक्षक अगस्त्यमुनि चौबे ने कहा कि बालक का प्रथम पाठशाला उसका घर होता है और माता पिता गुरु। इस लिहाज से बच्चों पर पालकों का पैनी नजर रहना चाहिए ।आप सब की शिकायत नवपदस्थ प्राचार्य हरीश कुमार पाठक जी के आने पर हम रखेंगे परंतु इतना अवश्य कहना चाहूंगा कि विद्यालय में बच्चों को भेजने से पहले पालक उनके बस्ता की जांच करें ताकि बैग में कोई बच्चा अनावश्यक सामग्री तो नहीं रखा है और बच्चों को समय-समय पर मानिटरिंग करें।

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विद्यालय में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं -चेयरमैन
डीएवी पब्लिक स्कूल के चेयरमैन एवं एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक अमित सक्सेना ने स्पष्ट तौर पर कहा मैं स्वयं अनुशासन प्रिय हूं अतवेव अनुशासनहिनता बर्दास्त नही करता । विद्यालय में किसी भी कीमत पर अनुशासनहीनत बर्दाश नहीं किया जा सकता ।इन्होंने कहा कि विद्यालय की अव्यवस्था कि जानकारी नहीं थी आज हमें समस्याओं से अवगत कराया गया इसे तत्काल सुधार करते हुए व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु पहल करते है।

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