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आस्था एवं उल्लास के साथ कोण्डागांव का वार्षिक मेला हुआ शुभारंभ।

कोण्डागांव : आस्था एवं उल्लास के साथ कोण्डागांव का वार्षिक मेला हुआ शुभारंभ

पारम्परिक रीति-रिवाजो के साथ ग्राम देवताओं का हुआ समागम

पूरे विधि-विधान के साथ ग्राम देवियों ने मेला स्थल का परिक्रमा किया

08 मार्च से 13 मार्च तक चलेगा मेला

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आज सांस्कृतिक एवं परम्परा के मेल मिलाप के साथ कोण्डागांव का वार्षिक मेला का शुभारंभ हो गया। ज्ञात हो कि इस बार मेला 08 मार्च से प्रारंभ हो कर 13 मार्च तक चलेगा जबकि पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते प्रथम बार मेले अवधि को जिला प्रशासन द्वारा सीमित करते हुए एक दिवसीय कर दिया गया था। मेला छः दिवसीय होने के कारण ग्रामीणों की भारी भीड़ रही। इस मेले में आसपास के ग्रामों से आए ग्रामीणों एवं उनके देवी-देवताओं के हुजुम ने आस्था और संस्कृति के विभिन्न रंगों का प्रदर्शन किया और लोगों के द्वारा भीगे चावलो एवं पुष्प-पंखुड़ियो की वर्षा के साथ देवी-देवताओं की अगुवानी की गई।
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धार्मिक आयोजन और लोक संस्कृति का प्रतीक है कोण्डागांव का मेला
कोण्डागांव के वार्षिक मेले में धार्मिक आयोजन के साथ-साथ लोक संस्कृति का अनूठा मेलमिलाप देखने को मिलता है क्योंकि मड़ई यहां मात्र मनोरंजन का आयोजन नहीं है बल्कि इसके माध्यम से क्षेत्र के निवासी अपने आराध्य देवी-देवताओं का पूरे विधि-विधान, पूजा-अर्चना के साथ अपनी धार्मिक सद्भावना प्रदर्शित करते है। इस क्रम में देवी-देवताओं को मेला स्थल पर लाये जाने के पश्चात मुख्य पुजारियो एंव सिरहाओ द्वारा नगर के प्रमुख अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि गणो की अगुवानी की गई। सम्पूर्ण मेला स्थल की परिक्रमा भी परम्परागत दैवीय अनुष्ठान का एक प्रमुख अंग माना जाता है। इस क्रम में सर्वप्रथम ग्राम पलारी से आई हुई माता डोली एंव लाट द्वारा सर्वप्रथम पूरी भव्यता के साथ भ्रमण किया गया। तत्पश्चात उनके पीछे-पीछे अन्य ग्रामो के देवी देवताओ एंव ग्रामो की डोलियां ने उनका अनुसरण करते हुए परिक्रमा किया, इनके साथ ही छतर एंव डंगई लाट धरे हुए उनके भक्त गण भी साथ चल रहे थे। इस दौरान पांरम्परिक आस्था के प्रतीक स्वरूप इन लाटो को काले, लाल झंडियो एंव फूलो से सजाया गया था और पूरा मेला स्थल ढ़ोल, मोहरियों, मांदर की धुन से गुंज रहा था।
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इस वर्ष भी कोण्डागांव के वार्षिक मेले में जिले के आस पास के ग्रामों जैसे पलारी, भीरागांव, बनजुगानी, भेलवापदर, फरसगांव, कोपाबेड़ा, डोंगरीपारा के ग्रामीण देवी देवता, माटीपुजारी, गांयता सम्मिलित हुए। जहां आराध्य मां दन्तेश्वरी के अलावा विभिन्न समुदायो के देवी देवताओं जैसे सियान देव, चौरासी देव, बुढाराव, जरही मावली, गपा-गोसीन, देश मात्रा देवी, सेदंरी माता, दुलारदई, कुरलादई, परदेसीन, रेवागढ़ी, परमेश्वरी, राजाराव, झूलना राव, आंगा, कलार बुढ़ा, हिंगलाजीन माता, बाघा बसीन देवताओ की पूरे धार्मिक विधि-विधान ढ़ोल नगाडे़, माहरी, तोड़ी, मांदर एंव शंख ध्वनि के साथ भव्य पूजा अर्चना सम्पन्न किया गया।
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ये रहे उपस्थित
उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक मोहन मरकाम, अध्यक्ष जिला पंचायत देवचंद मातलाम सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा द्वारा पुरी आस्था और श्रद्धा के साथ ग्राम देवी देवताओं की माता गुड़ी स्थल में पूजा अर्चना करके परंपराओं का निर्वहन किया गया इसके पूर्व ग्रामीणों ने पूराने विश्राम गृह से जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को गाजेबाजे के साथ मेला स्थल में लाया गया, इस मौके पर एसडीएम गौतम पाटिल, जनपद सीईओ भूपेन्द्र जोशी, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर पटेल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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