आजीविका केन्द्र बन रहे है जिले बोडतरा खुर्द के गौठान

कवर्धा : आजीविका केन्द्र बन रहे है जिले बोडतरा खुर्द के गौठान

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जैविक खाद बनाने के साथ-साथ सब्जी की खेती भी कर रही है महिलाएं

कबीरधाम जिले के बोडतरा खुर्द के गौठान के माध्यम से एक ओर गाय तथा अन्य मवेशियों की बेहतर सरंक्षण और संवर्धन की दिशा में आगे बढ़ रही है, वही दूसरी ओर गौठान में काम करने वाली महिला समूह भी अपनी कठिन परिश्रम और योजनाओं का लाभ से आमदानी का जरिया बना रही है। इस गौठान में गौ माता महिला अभिरूचि महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं काम कर रही है। समूह की महिलाएं यहां गोबर खरीदी कर जैविक खाद बना रही है साथ ही इस गौठान के खाली भूखण्ड में अपनी आय और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सब्जी की खेती कर रही है। अब तक यहां 1857 क्विंटल गोबर की खरीदी कर चुके है। इससे समूह ने 656 क्विंटल जैविक खाद बना चुके है और पूरे किसानों को निर्धारित मूल्य में बेच भी लिए है। समूह को अब तक 2 लाख 57 हजार 152 रूपए की आमदानी भी कर ली है। महिला समूह की मांग पर उन्हे उच्च गुणवत्ता पूर्ण जैविक खाद बनाने के लिए खाद चालने की मशीन भी दी जाएगी। समूह की अध्यक्ष श्रीमती चमेली कुर्रे और सचिव मंजू निर्मलकर ने बताया कि राज्य सरकार की गौधन न्याय योजना से उन्हे पूरा लाभ मिल रहा है। पहले समूह की सभी महिलाएं को पास कोई काम नहीं था। गौठान बनने के बाद उन्हे रोजगार मिल रहा है। उन्हे शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है और समय-समय पर कृषि एवं जिला व जनपद पंचायत के माध्यम से प्रशिक्षण भी मिल रहे है।

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कलेक्टर ने अधियार खोर और रैतापार के गोठान को और सशक्त बनाने के निर्देश दिए

सभी गौठानों को मिलेगी जैविक खाद छानने की मशीन

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कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा ने जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल के साथ आज जिले के पंडरिया जनपद पंचायत के ग्राम रैतापार, अंधियार खोर और बोड़तरा खुर्द के संचालित आजीविका के केन्द्र गौठान का निरीक्षण किया। उन्होने इस गौठान में गोबर खरीदी और जैविक खाद निर्माण तथा उसकी विक्रय की पूरी जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि गौधन न्याय योजना के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को नए आयाम देने और रोजगार के नए-नए अवसर देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान ग्राम रैतापार की गौठान समूह मां बम्बलेश्वरी समूह की अध्यक्ष श्रीमती गोदावरी यादव, सचिव जलेश्वरी लांझी ने बताया कि गौधन न्याय योजना से उन्हे रोजगार मिल रहा है। अब तक 286 क्विंटल जैविक खाद की बिक्री कर चुकी है,जिससे समूह को एक लाख 12 हजार रूपए की आमदनी हुई है। समूह ने गौठान के खाली भूखण्ड में आजीविका के नए अवसर के लिए सब्जी की खेती और मुर्गीपालन करने की इच्छा जताई है। इसी तरह अंधियरखोर के गौठान की महिला समूह मां सरस्वती महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती चन्द्रवंशी और सचिव ने बताया कि अब तक यहां गोबर खरीदी कर 493 क्विंटल जैविक खाद बना कर बेच भी लिए है। इससे समूह को 1 लाख 4 हजार 91 रूप्ए की आमदनी हुई है। यहा की समूह ने मुर्गीपालन तथा सब्जी-भांजी की खेती करने की इच्छा जताई है। कलेक्टर ने जिला जिला पंचायत सीईओ को जिले के सभी गौठान में काम करने वाले समूह को और सशक्त बनाने और उनके लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए है। कलेक्टर ने सभी गोठानों में उच्च गुणवत्ता के साथ जैविक खाद बनाने के लिए खाद छन्ननी प्रदाय करने के निर्देश दिए है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री डीएल डाहिरें, कृषि उपसंचालक डड़सेना, जपद पंचायत सीईओ श्री पन्ना लाल धुर्वे व संबंधत अधिकारी उपस्थित थे।

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