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Ambikapur News : 24 मार्च 2022 विश्व क्षय दिवस……..

24 मार्च 2022 विश्व क्षय दिवस……..

P.S.YADAV/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// राष्ट्रीय क्षय उन्नमूलन कार्यक्रम के तहत सरगुजा जिले को क्षय मुक्त बनाने की दिशा मे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. सिसोदिया के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, समस्त क्षय रोग मरीजो का डॉटा बेस तैयार किया जा रहा है, शिक्षण संस्थान में शिक्षकों व छात्रो को क्षय रोग की जानकारी दी जा रही है, जिससे क्षय रोग से संबंधित सही जानकारी जन-जन तक पहुच सकें, आईसीएमआर संस्था दिल्ली, पिरामल हेल्थ केयर, संगवारी समाज सेवी संगठन के द्वारा सक्रिय रूप से क्षय बीमारी की पहचान व चिन्हित मरीज का निदान हेतु कार्य किया जा रहा हैl

वर्ष 2021-22 मे आज दिनांक तक कुल टीबी के 1341 मरीज पाये गये, इन सभी मरीजो का उपचार डॉट्स पद्धती से किया जा रहा है, पोषण आहार योजना के तहत मरीज के खाते मे बीस लाख बत्तीस हजार पॉच सौ रूपये राशि दी गई। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के विशेष पहल पर आदिवासी विकास परियोजना के तहत आदिवासी मरीजो को चौदह लाख तिरानबे हजार दो सौ पचास रूपये राशि दी गई। वर्तमान मे सरगुजा मे 33 केन्द्र है, जहा क्षय किटाणु की पहचान माईक्रोस्कोप जॉच के माध्यम से किया जाता है, यह सुविधा प्रत्येक विकासखण्डो व प्राथ. स्वा. केन्द्र मे उपलब्ध है।

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4 विकासखण्ड भफौली, सीतापुर, उदयपुर, धौरपुर ट्रुनॉट की सुविधा उपलब्ध है, एक्सट्रापल्मोनरी क्षय रोग मे क्षय रोग की पुष्टी के लिये सीबीनॉट की सुविधा जिला क्षय उन्नमूलन केन्द्र अम्बिकापुर मे उपलब्ध है। निक्क्षय पोषण आहार के अन्तर्गत प्रत्येक क्षय मरीज को 3000-9000 की राशि प्रदान की जाती है, क्षय रोग की दवाई खिलाने वाले को 1000-5000 की राशि दी जाती है, यह सभी राशि खाते के माध्यम से प्रदान किया जाता है। कलेक्टर संजीव कुमार झा, एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक लांगेह द्वारा क्षय रोग नियंत्रण से संबंधित कार्यक्रम की समीक्षा 03 महिने मे 01 बार की जाती है, क्षय रोग का निदान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. रोशन लाल वर्मा की देखरेख मे किया जा रहा हैl

क्षय रोग की बीमारी मे अधिकांसतः फेफड़े प्रभावित होते है, कोविड काल मे कोरोना संक्रमण से फेफड़े प्रभावित हुये है। क्षय रोग के मरीजो मे लगभग 20% का प्रतिशत ईजाफा हुआ है, क्षय रोग से संबंधित जॉच व ईलाज पूर्णत निःशुल्क है। एवं शासकीय अस्पतालो मे उपलब्ध है, क्षय बीमारी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, दो सप्ताह से ज्यादा खॉसी होना, खॉसी मे खुन आना, श्वास फुलना, वजन कम होना, पेट व छाती मे पानी भरना, लंबे समय तक पेट मे दर्द को होना, लंबे समय तक घाव का न सुखना, रीड़ की हडडी से विरूपता, झटके की बीमारी, नपुंसकता क्षय रोग का लक्षण हो सकता है। यह जानकारी जिला क्षय अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता द्वारा दी गई।

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