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गर्भवती महिलाओं हेतु विशेष योगाभ्यास का सामुदायिक भवन में हुआ आयोजन

कोण्डागांव : गर्भवती महिलाओं हेतु विशेष योगाभ्यास का सामुदायिक भवन में हुआ आयोजन

150 से अधिक महिलाओं एवं प्रशिक्षकों ने योगाभ्यास में लिया भाग

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गुरूवार को कोण्डागांव नगर के सामुदायिक भवन में गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान शिशु के स्वास्थ्य एवं उनके सुरक्षित प्रसव हेतु किये जाने वाले आवश्यक योगाभ्यासों के प्रशिक्षण हेतु छत्तीसगढ़ योग आयोग, युनिसेफ, जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में विशेष योगाभ्यास शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर शर्मा, योग आयोग सदस्य राजेश नारा, कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा एवं युनिसेफ हेल्थ विशेषज्ञ डॉ0 श्रीधर उपस्थित रहे। इस शिविर में 150 से अधिक महिलाओं एवं प्रशिक्षकों ने हिस्सा लिया। जिसमें योग आयोग की ओर से आये मुख्य प्रशिक्षक पुष्पा वर्मा, ज्योति साहू एवं डॉ0 राधिका चंद्राकर ने महिलाओं को विशेष तौर पर गर्भावस्था के दौरान किये जाने वाले योगाभ्यासों का प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने कहा कि गर्भावस्था के समय महिलाओं में कई प्रकार के परिवर्तन हो जाते हैं। जिससे उनके शरीर में शारीरिक एवं मानसिक तनाव उत्पन्न हो जाता है। जो कि होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। जिसके लिए सबसे अच्छी औषधि योगाभ्यास ही है। इसलिए गर्भावस्था में पौष्टिक भोजन के साथ नियमित योगाभ्यास एवं प्राणायाम भी आवश्यक है। जिससे होने वाले बच्चे स्वस्थ होते हैं एवं प्रसव में जच्चा-बच्चा को किसी प्रकार की समस्या नहीं होती है।
योग आयोग के मुख्य प्रशिक्षक ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित योगाभ्यास से महिलाओं में शक्ति का संचार होता है, शारीरिक एवं मानसिक तनाव दूर होता है, पैल्विक मांसपेशिया मजबूत होती है, प्रसव पूर्व एवं उसके बाद के खतरे कम हो जाते हैं तथा होने वाला बच्चा पूर्ण रूप से स्वस्थ पैदा होते हैं। योगाभ्यास नियमित करने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद होने वाली परेशानियों से भी निजात मिलती है। इसके लिए गर्भावस्था के नौ महीनों में प्रत्येक तिमाही के लिए विशेष योगाभ्यास होते हैं। जिनका पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि न सिर्फ गर्भवती महिलाओं अपितु बालिकाओं को भी नियमित रूप से योगाभ्यास करना चाहिए।
इस संबंध में युनिसेफ कंसल्टेंट सिमरन कौर धंजल एवं उप संचालक समाज कल्याण विभाग ललिता लकड़ा ने बताया कि महिला योग प्रशिक्षकों द्वारा योग का प्रशिक्षण देने के साथ एक से नौ माह में प्रत्येक तिमाही समयावधि के लिए निर्मित विशेष योगाभ्यास के 45 मिनट के तीन लघु वृत्त चित्रों का प्रदर्शन किया जा रहा है साथ ही इस पॉयलेट प्रोजेक्ट के लिए बनाये गये वीडियो का सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों में स्थापित टेलीविजनों में भी नियमित संचालन कराया जायेगा।

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