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बिलासपुर : ग्रामीणों और किसानों की आमदनी में वृद्धि से होगा योजनाओं की कामयाबी का आकलन : कमिश्नर

कृषि एवं पशुधन विकास विभाग के काम-काज की समीक्षा

बिलासपुर : ग्रामीणों और किसानों की आमदनी में वृद्धि से होगा योजनाओं की कामयाबी का आकलन : कमिश्नर

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जिले में आगामी प्रस्तावित दौरे को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं की प्रशासन द्वारा गहन समीक्षा की जा रही है। कमिश्नर डॉ. संजय अलंग ने इस कड़ी में आज यहां अधिकारियों की बैठक लेकर कृषि एवं पशु चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में प्रगति की समीक्षा की। डॉ. अलंग ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की सफलता का आकलन लक्षित समूहों की आमदनी में वृद्धि एवं उपलब्ध रोजगार से किया जायेगा। उन्हांेने अफसरों और मैदानी अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों का सघन दौरा कर हितग्राहियों का चयन एवं सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने के निर्देश दिये हैं। संयुक्त संचालक कृषि श्री चौहान, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा डॉ. मरकाम, उपायुुक्त अखिलेश साहू एवं अर्चना मिश्रा सहित संभाग के सभी जिलों से आये उप संचालक कृषि एवं पशु चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।
डॉ. अलंग ने कहा कि सभी गौठानों से गोबर खरीदी शुरू किया जाये। फिलहाल संभाग में संचालित 1853 गोठानों में से 1412 गोठानों में खरीदी चल रही है। इनमें से 1211 में स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि गोठान में पंजीकृत हर एक किसान से गोबर खरीदा जाना चाहिए। उन्होंने हर गोठान को स्वावलंबी बनाने के लिए तमाम उपाय सुनिश्चित करने को कहा है। कमिश्नर ने धान के बदले अन्य फसलों को बढ़ावा देने के लिए और प्रयास करने की जरूरत बताई। वर्तमान उपलब्धि 3855 हेक्टेयर को नाकाफी बताया। उन्हांेने कहा कि नये खरीफ सीजन शुरू होने को है। किसान अब खाद-बीज की तैयारी कर रहे हैं। अग्रिम उठाव के लिए किसानों को समझाइश दें और उठवाएं। किसानों की मांगों के अनुरूप ही खाद एवं बीज की आपूर्ति गोदामों में किया जाना सुनिश्चित किया जाये। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि संभाग में इस साल गोठानों के जानवारों के लिए 8 हजार 616 मीटरिक टन चारे का उत्पादन एवं 83 हजार 440 मीटरिक टन पैरा दान में संग्रहित किया गया है। हरा चारा खिलाने से दुध उत्पादन के साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य में भी सुधार परिलक्षित हो रहा है। पशु औषधालयों में भी दवा-पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

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