धूल डस्ट बना “हमर गरियाबंद” के माथे मे बदनुमा दाग l

जिला मुख्यालय गरियाबंद नगर के अंदर आने जाने वालों और नगर वासियों के स्वास्थ्य पर सड़को पर उड़ने वाली धूल और राईस मिलो के डस्ट के कचरे विपरीत प्रभाव डाल रहा। लोगों के आंखो मे धूल और डस्ट के कण कष्ट दे रहे बिना चश्मे वालों के आँखो की सुरक्षा संभव नही हैं

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ज्ञात हो की गरियाबंद जिला निर्माण के बाद जिला मुख्यालय मे पूरे जिले के लोगों क़ा अपने शासकीय कार्यों के लिये आना पड़ता हैं हर किसी क़ो नगर के अंदर प्रवेश कर जिला मुख्यालय जाना होता हैं देवभोग सें फिँगेश्वर और छुरा लोगों क़ा आना जाना लगा रहता हैं वही पुराने कलेक्ट्रेट सें स्टेट बैंक तक सड़क के दोनों तरफ पटरी मे धुल मिट्टी बड़ी मात्रा मे डस्ट के रूप मे उड़ते हैं वहीं जिला मुख्यालय मे बढ़ती ट्रैफिक के चलते वाहनो का रेला लगा रहता हैं सर्वाधिक दोपहिया वाहन के कारण धूल का गुबार सड़क मे उड़ता हैं नगर के भीतर हर तरफ धूल ही धूल वातावरण मे दिखता हैं जिसके कण लोगों के आँखो मे घुसने के कारण लोगों को खासी तकलीफ से गुजरना पड रहा नगर पालिका गरियाबंद की सफाई व्यवस्था धुल सें निजात दिलाने मे असफल साबित हो गयी हैं।
वही नगर के चारो तरफ राईस मिल मौजूद हैं जो धान सीजन मे द्रुतगति से संचालित हैं जिससे निकलने वाली डस्ट भी लोगो के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहे,वही लोगो को धूल डस्ट से कब मुक्ति मिलेगी यह देखने की बात होगी l

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