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गोबर संग्रहण और वर्मी कंपोस्ट खाद के काम से घर वालों को थी परेशानी, दो साल में 93 लाख रूपए के टर्नओवर से अब बदल गया है घरवालों का नजरियाः प्रीति टोप्पो

रायपुर : विशेष लेख : गोबर संग्रहण और वर्मी कंपोस्ट खाद के काम से घर वालों को थी परेशानी, दो साल में 93 लाख रूपए के टर्नओवर से अब बदल गया है घरवालों का नजरियाः प्रीति टोप्पो
सुबह डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और दोपहर में खाद बनाती हैं महिलाएं
रोजगार का नया अवतार बन गया है गोधन न्याय योजना, बड़े आर्थिक बदलाव की ओर बढ़ रहा है प्रदेश

गोबर,खाद और केंचुआ बेचकर महिलाएं बन रही हैं लखपति, गांवों में उद्योग का रूप ले रहे हैं गौठान

• मनोज सिंह/ संगीता, सहायक संचालक

रायपुर, 20 जुलाई 2022

सुबह डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और दोपहर में खाद बनाती हैं महिलाएं

कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ की रहने वाली प्रीति टोप्पो एक गरीब परिवार से संबंध रखती हैं। दो साल पहले छत्तीसगढ़ में आज ही के दिन गोधन न्याय योजना की शुरूआत हुई। प्रीति को लगा जैसे ये योजना उन्हीं के लिए बनायी गयी है। प्रीति ने अपने ही जैसे अन्य महिलाओं के साथ एक महिला स्व सहायता समूह बनाया और गोबर संग्रहण के साथ ही वर्मी कंपोस्ट खाद के निर्माण में जुट गईं। आज दो वर्षों बाद प्रीति टोप्पो समूह के माध्यम से 93 लाख रूपए का वर्मी कंपोस्ट खाद बेच चुकी हैं । अब उन्हें अपनी आर्थिक आजादी के लिए किसी अन्य पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती है। प्रीति ना सिर्फ खुद का बल्कि अपने साथ जुड़ी समूह की महिलाओं के लिए भी आर्थिक बदलाव लायी हैं और ये सब कुछ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की दूरदर्शी सोच की वजह से संभव हो सका है जिन्होंने गोबर खरीदने की योजना बनाई और इस योजना से आज प्रीति जैसी हजारों महिलाएं आर्थिक स्वालवंबन की नई कहानियां लिख रही हैं।

दोपहर में खाद बनाती हैं महिलाएं
कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ के शहरी गौठान में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में संलग्न स्वच्छ मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र स्तरीय संघ, जो एक महिला स्वसहायता समूह है, आजकल काफी चर्चा में है और इस चर्चा का विषय यह है कि किस तरह इस समूह ने वर्मी कंपोस्ट खाद बेचकर 93 लाख रूपए कमाए हैं। चर्चा भी क्यों ना हो , किसने सोचा था कि गोधन इतने काम का हो सकता है। धार्मिक कार्यों में गोबर का बेहद महत्व है पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने गोबर को आर्थिक बदलाव की धुरी बना दिया है।
गोधन न्याय योजना पूरे देश में अपने किस्म की अनूठी योजना है। शासन की गोधन न्याय योजना ने गोबर को एक कमोडिटी में तब्दील कर दिया है। आज गोबर बेचा और खरीदा जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार गोबर की खरीदी कर रही है। इस गोबर से गौठानों में स्व सहायता समूहों के द्वारा वर्मी कंपोस्ट खाद बनाई जा रही है। इसी खाद के विक्रय से समूहों को जो लाभ हो रहा उससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आ रहा है।

शुरू मे घर वाले नहीं मान रहे थे, काम करना कठिन लग रहा था, लाभ से मिले पैसों से बहन की शादी में लिया कर्ज छुड़ायाःप्रीति टोप्पो

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पूरे जिले में सर्वाधिक वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन करने वाली विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ की स्वच्छ मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र स्तरीय संघ की सदस्य श्रीमती प्रीति टोप्पो बताती हैं कि “गोधन न्याय योजना शुरू हुई तो शहर के गौठान में समूह के रूप में जुड़कर वर्मी कम्पोस्ट निर्माण का कार्य शुरू किया, तब घर-परिवार के लोग खुश नहीं थे, लेकिन जैसे-जैसे उत्पादन एवं विक्रय से लाभ मिला, लोगों का हमारे प्रति नजरिया बदलने लगा। इस योजना से हमें स्वरोजगार का जरिया मिला है समाज में हमारा मान-सम्मान बढ़ा है।
प्रीति ने बताया उसे लाभांश से लगभग 50 हज़ार रुपये मिले हैं। उसने बहन की शादी में कुछ कर्ज लिया था, वो इस पैसे से छूट गया और बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए साईकल लेकर दी है। घर के लोग पहले घर मे टाइम ना दे पाने के कारण थोड़ा नाराज़ थे पर अब आय देखकर खुश हैं।

आत्मनिर्भरता का मिला रास्ताआत्मनिर्भरता का मिला रास्ता

इस समूह में 73 महिलाएं हैं। गौठान में वर्मी कम्पोस्ट खाद उत्पादन के काम से जुड़ी कोई महिला निर्धन परिवार से है तो किसी ने कभी घर से बाहर निकलकर कभी काम नहीं किया। इस काम से हुई कमाई ने उन्हें अपने परिवार का मजबूत स्तंभ बनाया है। उन्हें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का रास्ता दिखाया है। समूह द्वारा अब तक 9 लाख 30 हजार किलोग्राम वर्मी कम्पोस्ट खाद उत्पादन कर बेचा गया है जिसके एवज में समूह को 93 लाख रूपए का भुगतान किया गया है।

मुख्यमंत्री से मिलने के बाद बढ़ा हौंसला

प्रीति का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में उनसे बातचीत करने के बाद उनके समूह का हौंसला और बढ़ गया है। प्रीति कहती हैं कि राज्य के मुखिया से सीधे बात करना मेरे लिए और पूरे समूह के लिए बड़ा क्षण था। उन्होंने हमारा हौसला बढ़ाया और कहा कि गौठान का टर्नओवर जल्द ही एक करोड़ हो जायेगा। उनकी इस बात ने समूह में नई ऊर्जा का संचार किया है और समूह की सभी महिलाएं इस दिशा में दुगुनी मेहनत कर रही हैं।
सुबह डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और दोपहर में खाद निर्माण का कार्य
मनेंद्रगढ़ की इस महिला स्व सहायता समूह की ज्यादातर महिलाएं गरीब परिवारों से हैं। सुबह वे डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का काम करती हैं जिससे उन्हें प्रतिमाह 6 हजार रूपए की आमदनी होती है। दोपहर में खाद निर्माण का काम करती हैं, इस कार्य में होने वाले लाभ में इन महिलाओं को लाभांश मिलता है।
अब तक जिले के वर्मी उत्पादक समूहों को 9 करोड़ से ज्यादा का हो चुका है भुगतान
कोरिया जिले में 332 गौठानों में संलग्न 345 महिला स्व-सहायता समूहों के द्वारा वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन एवं विक्रय किया जा रहा है। अब तक जिले में 1.30 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है जिसमें से 92 हजार 805 क्विंटल वर्मी खाद विक्रय किया जा चुका है। इसके एवज में समूहों को 9.28 करोड़ की आय हुई है और जिसमें समूह का शुद्ध लाभांश 3.52 करोड़ रूपये रहा है। जिले में 342 स्थानों पर गोबर खरीदी की जा रही है। इसमें 13 हजार ज्यादा विक्रेताओं से 3.93 लाख क्विंटल गोबर खरीदी की गई है और विक्रेताओं के खाते में 7.86 करोड़ रूपये सीधे अंतरित किए गए हैं।

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