
गोठान की महिलाओं को गोमूत्र से सामग्री बनाने का दिया गया प्रशिक्षण
गोठान की महिलाओं को गोमूत्र से सामग्री बनाने का दिया गया प्रशिक्षण
गोपालसर सिंह विद्रोही बिश्रामपुर- हरेली त्यौहार से पूर्व गोमूत्र से तैयार होने वाले उत्पादों का प्रशिक्षण स्वयं सहायता समूह अन्नपूर्णा के सदस्यों को दिया गया ,।
जानकारी के नगर से सटे ग्राम केशवनगर के गोठन मे अन्नपूर्णा स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को जिला पंचायत सीईओ , जनपद पंचायत प्रभारी आकांक्षा त्रिपाठी, पशु पशुपालन कोर्स के डिप्लोमाधारीयो करता कार्यकर्ताओं ने समूह के 15 महिलाओं को हरेली त्यौहार से पूर्व गोमूत्र के विभिन्न उत्पादों को बनाने की विधि ,उपयोग विषय पर जानकारी दी। कृषि क्षेत्र में गोमूत्र उपयोग के उद्देश्य एवं क्रय करने की प्रक्रिया विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि जैविक खेती में अग्रसर होने हेतु स्थानीय स्तर पर जैविक खाद की उपलब्धता, जैविक नियंत्रण जीवामृत ग्रोथ प्रमोटर का उपयोग कर रसायनिक खाद प्रयोग की हानिकारक प्रभाव को काम करना है। रसायनिक खाद तथा कीटनाशक से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना, कृषि लागत को कम करना है। गोमूत्र उत्पाद से बुद्धि वर्धक जीवामृत बनाना, किट नियंत्रक ब्रह्मास्त्र गोमुख निर्माण करना ,गोमूत्र क्रय करने की प्रक्रिया आदि विषयों की जानकर उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों ने अन्नपूर्णा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जानकारी दी। कीट नियंत्रण ब्रह्मास्त्र बनाने की विधि बताते हुए कहा गया कि 10 लीटर पानी ,पांच प्रकार की पत्तियां जिसमें 2 किलो नीम की पत्ती, 2 किलो अमरूद की पत्ती, 2 किलो पपीता की पत्ती ,2 किलो सीताफल की पत्ती 2 किलो करंज की पत्ती, 10 किलो गोमूत्र सब को मिलाकर उबालना है ।उबलने के पश्चात 5 लीटर गोमूत्र ब्रह्मा कीटनाशक ब्रह्मास्त्र तैयार होगा ,जिसे ठंडा कर बोतल में बंद कर रखना है । कीट प्रकोप से बचने के लिए पानी में मिलाकर उपयोग किया जा सकता है ।इसी प्रकार गोमूत्र से बनने वाले अन्य उपयोगी वस्तुओं के विषय पर भी प्रकाश डाला । मौके पर गोमूत्र से बनने वाली विधि से बनाकर उत्पाद दिखाया गया