
कृषि विज्ञान केन्द्र बलरामपुर में भगवान बलराम जयंती पर किसान दिवस, प्राकृतिक खेती व तिलहन उत्पादन पर कार्यशाला
बलरामपुर कृषि विज्ञान केन्द्र में भगवान बलराम जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यशाला में प्राकृतिक खेती, तिलहन उत्पादन, मृदा परीक्षण और पशुपालन पर किसानों को विस्तार से जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केन्द्र बलरामपुर में भगवान बलराम जयंती-किसान दिवस का आयोजन

बलरामपुर, 30 अगस्त 2025। कृषि विज्ञान केन्द्र बलरामपुर में भगवान बलराम जयंती को किसान दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती एवं तिलहन उत्पादन विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बलराम जी एवं पारंपरिक कृषि यंत्र हल-जुवाट की पूजा-अर्चना से की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष राम नरेश कुशवाहा, जिला मंत्री विपिन सिंह, भाजपा किसान मोर्चा जिला मंत्री विकास मण्डल एवं ग्राम जाबर के सरपंच उदयराम शामिल हुए।

वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गौरव कांत निगम ने प्राकृतिक खेती के महत्व, सम्भावनाओं और रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक के दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला। वैज्ञानिक श्रीमती आरती कुजूर ने तिलहन (ऑयल पाम) उत्पादन की उन्नत तकनीक बताई। प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ. अनुप कुमार पॉल ने तिलहन फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन एवं मृदा परीक्षण की जानकारी दी, जबकि अनिल कुमार सोनपाकर ने प्राकृतिक खेती से फसल कीट प्रबंधन की विधियां साझा कीं।

कृषि विभाग के उप-अनुविभागीय अधिकारी आर.एस. कुजूर ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। मुख्य अतिथि श्री कुशवाहा ने प्राकृतिक खेती, केचुआ खाद और देशी गाय के गोबर-गौमूत्र से मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की अपील की। श्री विपिन सिंह ने पशुपालन और देशी नस्ल की गायों के महत्व पर प्रकाश डाला। श्री विकास मण्डल ने रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया, जबकि सरपंच उदयराम ने मधुमक्खी पालन के लाभ बताए।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने कृषि विज्ञान केन्द्र की विभिन्न इकाइयों—मुर्गीपालन, ग्रीन शेड नेट, बायो-फ्लॉक और ऑयल पाम—का अवलोकन किया। समापन पर किसानों को फलदार पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर लगभग 100 किसान सहित कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे!











