ताजा ख़बरेंधर्मब्रेकिंग न्यूज़

उज्जैन की सिंहपुरी में बनेगी अनूठी वैदिक होली, सात हजार कंडों का होगा उपयोग

उज्जैन। फाल्गुन पूर्णिमा पर सिंहपुरी में विश्व की अनूठी व सबसे बड़ी वैदिक होली बनाई जाएगी। होली में 5 से 7 हजार ओपले अर्थात कंडों का उपयोग होगा। सिंहपुरी के ब्राह्मण जिन्हें गुरु मंडली कहा जाता है, वेद मंत्रों के माध्यम से कंडे बनाते हैं। इन्हीं कंडों से होलिका बनाई जाएगी। होली के दिन प्रदोष काल में चारों वेद के ब्राह्मण अलग-अलग मंत्रों से होलिका का पूजन करेंगे।
सिंहपुरी गुरु मंडली के सदस्य व ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया अवंतिका तीर्थ क्षेत्र अपने आप में विशिष्टता लिए हुए हैं। यहां पर पौराणिक मान्यता तो है ही, परंपराओं का भी अपना विशेष महत्व है। क्योंकि यह परंपरा ही वेदों के दृष्टिकोण से रीति-रिवाजों को निर्धारण करती आ रही हैं।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)
mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

सिंहपुरी की कंडा होली पर्यावरण के संरक्षण का भी संदेश देती है। इस होली में लकडिय़ों का उपयोग बिल्कुल भी नहीं होता है। होलिका का दहन मंत्र के माध्यम से होता है, जो कि अलग-अलग वेदों से संबद्ध है। यहां पर होली का जमाने से लेकर दहन काल तक का समय मंत्रोचार के द्वारा एवं परंपरागत वाक्यों के द्वारा संपादित किया जाता है।

श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज सिंहपुरी के द्वारा होलिका की परंपरा अति प्राचीन है। शताब्दियों से यहां पर वैदिक ब्राह्मणों के माध्यम से अलग-अलग शाखाओं के वैदिक ब्राह्मण जिसमें ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद से जुड़े परिवारों के ब्राह्मण मंत्र के माध्यम से ओपले का निर्माण करते रहे हैं। यह परंपरा में ज्ञात है आज भी परिवार में वैदिक मंत्रों के माध्यम से अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए ओपले बनाए जाते हैं तथा प्रदोष काल के समय होलिका पर उनका स्थापन किया जाता है।

Pradesh Khabar

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!