मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छोटे भूखण्डों के पंजीयन प्रारंभ करने के फैसले से आम जनता को मिली बड़ी राहत

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छोटे भूखण्डों के पंजीयन प्रारंभ करने के फैसले से आम जनता को मिली बड़ी राहत

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एक जनवरी 2019 से अब तक 3.70 लाख से अधिक छोटे-भूखण्डों का हुआ पंजीयन

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आम जनता को राहत देने के लिए जनवरी 2019 में छत्तीसगढ़ में छोटे भूखण्डों के पंजीयन प्रारंभ करने के फैसले से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। छोटे भू-खण्डों को खरीदने और बेचने पर इसके पहले काफी समय से रोक लगी थी। इस रोक के कारण लोग पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने भूखण्डों की खरीद बिक्री नहीं कर पा रहे थे।
मुख्यमंत्री द्वारा छोटे भू-खण्डों की खरीदी-बिक्री पर रोक हटाने के फैसले और इसके लिए ई-पंजीयन प्रणाली में आवश्यक प्रावधान करने के बाद 1 जनवरी 2019 से 31 अगस्त 2022 तक कुल 3 लाख 70 हजार 077 छोटे भूखण्डों से संबंधित दस्तावेजों का पंजीयन किया जा चुका है। इनमें से इस वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल 2022 से 31 अगस्त 2022 तक कुल 46 हजार 457 छोटे भूखण्डों से संबंधित दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है। छोटे भूखण्डों के पंजीयन की रोक हटाने से आम जनता को सम्पत्ति खरीद बिक्री सुविधा हुई है।
राज्य शासन ने पंजीयन की ऑनलाईन व्यवस्था की भी शुरूआत की है इससे पंजीयन का कार्य पहले की तुलना में बहुत आसान हुआ है साथ ही इससे पारदर्शिता भी बढ़ी है साथ ही पक्षकारों को उसी दिन पंजीयन कर दस्तावेज प्रदाय किया जा रहा है। ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया में ई-स्टाम्प सुविधा का विस्तार किया गया है, इससे आम जनता को सभी मूल्यों के सभी प्रकार के स्टाम्प 1061 केन्द्रों से आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ई-पंजीयन प्रणाली में नेटवर्क प्रमुख समस्या रही है। इसके निराकरण के लिए नेटवर्क में सुधार किया गया है, इससे अब नेटवर्क स्लो की समस्या दूर हो गई है। प्री रजिस्ट्रेशन प्रावधान को सॉफ्टवेयर में लागू कर दिया गया है। इसके लिए सभी उप पंजीयक स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस व्यवस्था के तहत कोई भी पक्षकार घर बैठे अपने दस्तावेज अपलोड कर उप पंजीयक कार्यालय में उपस्थित होने हेतु अपॉइंटमेंट ले सकते हैं, जिससे काफी कम समय में दस्तावेज का पंजीयन हो रहा है।