पराली के निपटान के लिए स्थायी तरीकों का रूख कर रहे हैं पंजाब के किसान
चंडीगढ़, नौ अक्टूबर/ पंजाब के कुछ किसानों ने फसलों के अवशेषों का स्थायी तरीके से निपटान करना शुरू कर दिया है चाहे वह प्राकृतिक उवर्रक के तौर पर इसका इस्तेमाल करके हो या ईंधन उत्पादन के लिए इसे बेचकर। आम तौर पर फसलों के अवशेष जला दिए जाते हैं जो वायु प्रदूषण का सबब बनता है।.
किसान अब पराली में आग लगाने की बजाय इसे प्राकृतिक उर्वरक के रूप में उपयोग कर रहे हैं या ईंधन बनाने के लिए बेच रहे हैं।.











