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मस्जिद से आक्सीजन-बॉडी फ्रिजर की सेवा मिल रहा सभी समुदाय को

मस्जिद से आक्सीजन-बॉडी फ्रिजर की सेवा मिल रहा सभी समुदाय को

मस्जिद से आक्सीजन-बॉडी फ्रिजर की सेवा मिल रहा सभी समुदाय को,
  • 00 भाईचारे की अनूठी मिसाल कायम की सुपेला की मस्जिद नूर ने 

   भिलाई। मरकज सुपेला मस्जिद नूर की समिति के सदस्यों ने भिलाई की गंगा जमुना तहजीब को जिंदा मिसाल पेश कर कोरोना काल मे बेहिस (निस्वार्थ) होकर सेवा जतन कर मिसाल कायम की है। मस्जिद मे बॉडी फ्रिजर है। भिलाई जब कोरोना संक्रमण अपने ऊफान पर था और मृत्यु अकाल बनकर लोगों के परिवार मे आ खड़ी हो रही थी। ऐसे में जिस समाज के लोग डेड बॉडी फ्रिजर मांगने आए उन्हें निशुल्क मस्जिद कमेटी ने दिया। मस्जिद से बॉडी फ्रिजर ले जाने वालों में प्रभास,गुप्ता परिवार, मौर्या परिवार और गिरिराव सहित 20 नाम मस्जिद के रजिस्टर मे दर्ज है। इसी तरह एक समय अस्पताल मे बेड नही था और आक्सीजन सिलेंडर की किल्लत ने भिलाई वासियों को सहमा दिया।
इस बीच मरकज सुपेला मस्जिद नूर के कमेटी ने 45000 लागत की दो आक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें खरीद कर निशुल्क लोगों के लिए देना शुरू किया। इसके साथ 2 अप्रैल से 15 सिलेंडर आक्सीजन भराकर प्रतिदिन जरूरत मंदो को निशुल्क देना प्रांरभ किया। पुरूषोत्तम देवांगन ओर रमेश गुप्ता बाबू भाई बेरला ,रांका सुपेला,फरीद नगर कृष्णा नगर से रात हो या  दिन लोग आते लेकर जाते या फोन करने पर समिति के सदस्यों द्वारा पहुंचा दिया जाता रहा। अब तक आक्सीजन सिलेंडर 100 से ऊपर परिवार को दिया जा चुका है। अभी भी मस्जिद मे सिलेंडर भरकर रखा गया है ताकि जरूरत मंदो को दिया जा सके।

समिति के सदस्य सैयद असलम कहा कि हमारे नबी हजरत मोहम्मद सलल्ललाहु अलैहिस्सलाम ने इंसानियत की शिक्षा दी है, जिसमे लोगों की मदद करना भूखो को खाना खिलाना ,मुसाफिर को रात ठहरने की  जगह देना, भूले हुए को रास्ता बताना, जरूरतमंद को कपडा पहनाना, बीमार की आयादत करना यानि उसकी खैर खबर लेना सिखाया। इनको अपनाने से पृथ्वी मे सभ्य समाज का निर्माण होगा। कोरोना संक्रमण के इस दौर में मरकज नूर सुपेला के समिति सदस्यों मे अध्यक्ष सैयद जमीर हिफजुरर्हमान,जुबैर खान ,इब्राहिम कुरैशी, अब्दुल वहाब,अमीन,शफीक,तस्लीम,रफीक,सैय्यद असलम ,सैय्यद इकबाल, अब्दुल गनी ,मिराज अकरम ,मोहम्मद युसूफ और हारून अंसारी ने बताया कि एक सिलेंडर एम्बुलेंस सहित रखा गया है। इस खिदमते खल्क (मानवता की सेवा) का मकसद सिर्फ अल्लाह को राजी करना है जिससे उसके अजाब से इंसानियत बच सके ओर आखिरत मे हमें इसका बदला मिले।
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