
चल पड़ी उत्पादन की गाड़ी
चल पड़ी उत्पादन की गाड़ी
बिश्रामपुर तीव्र गति से उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने में लगा
आम गांव खदान ने की संजीवनी का काम
गोपाल सिंह विद्रोही/ बिश्रामपुर – एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र अपने प्राप्त लक्ष्य को तेजी से पीछा करने में लगा हुआ है। क्षेत्र प्रतिदिन 4900 से ज्यादा कोयला का उत्पादन कर रहा है ,जिससे कामगारों मे काफी उत्साह देखा जा रहा है।
उक्त संबंध में कालरी के पुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र को चालू वित्तीय वर्ष 2022 – 23 मे एसईसीएल कंपनी मुख्यालय बिलासपुर से क्षेत्र को 15 लाख 24 हजार टन का लक्ष्य दिया गया है जिसमें क्षेत्र ने बीते 30 जनवरी 2023 तक 7,26,856 टन उत्पादन कर चुका है जबकि वित्तीय वर्ष 2021 -22 में 30 जनवरी तक क्षेत्र ने महज 2,33,000 टन ही कोयला का उत्पादन किया था दूसरे शब्दों में कहें तो क्षेत्र उत्पादन की दृष्टि से गर्त में चला गया था करोड़ों के घाटे में चल रहा था इस प्रकार बिश्रामपुर क्षेत्र 2021-22 की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष 2022 23 में 211प्रतिशत का बढ़ोतरी किया हैइस तरह समाचार लिखे जाने तक कुल 7,26,856टन कोयला उत्पादन किया है।
क्षेत्र के कोयला उत्पादन में आमगांव खदान की भूमिका महत्वपूर्ण
क्षेत्र के 5 खदानें मिलकर महज 1 दिन में 740 टन कोयला का उत्पादन कर रही है जबकि आमगांव खदान 4160 टन से ज्यादा प्रतिदिन कोयला का उत्पादन कर रही है इस तरह चालू वित्तीय वर्ष मे समाचार लिखे जाने तक 7,26,856 टन कोयला का उत्पादन क्षेत्र ने किया है जिसमें आमगांव खदान समाचार लिखे जाने तक 4,63,750 टोन टन कोयला उत्पादन कर अपनी भागीदारी निभाई है।
211 प्रतिशत ग्रोथ से कोयलांचल बिश्रामपुर आगे बढ़ रहा है
चालू वित्तीय वर्ष 2022 -23 मे 30जनुवार (एक दिन) को बिश्रामपुर की क्रमवार कोयला खदानों से होने वाले उत्पादन पर नजर डालें तो रेहर भूमिगत खदान 212 ,गायत्री भूमिगत खदान 78 , कूमदा भूमिगत खदान 80 ,बलरामपुर भूमिगत खदान 350, केतकी भूमिगत खदान 20 एवं आमगांव खुली खदान 4160 .3 टन कोयला का उत्पादन किया है। इस प्रकार क्षेत्र के 5 खदानें एक दिन 740 टन ही कोयला का उत्पादन किया जबकि आमगांव खुली खदान अकेले ही 4160.3 टन कोयला का उत्पादन किया है या यूं कहें की क्षेत्र चालू वित्तीय वर्ष मे समाचार लिखे जाने तक 7,26,856 कोयला का उत्पादन किया है जिसने खुली खदान आमगांव ने 4 लाख 63750 कोयला का उत्पादन कर बिश्रामपुर क्षेत्र को संजीवनी प्रदान किया है। जिससे कर्मचारियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है इस तरह बिश्रामपुर क्षेत्र अपने लक्ष्य को तीव्रता से पीछा करते हुए रफ्तार से आगे बढ़ रहा है