
शासकीय शराब दुकान में कर्मचारियों ने किया सवा 31लाख रुपए का गबन……
राजनांदगांव. नगर के धरमपुरा में संचालित शासकीय शराब दुकान में आबकारी विभाग के द्वारा प्लेसमेंट ठेके में काम करने वाली सीएमएस कंपनी के कर्मचारी ने तकरीबन सवा 31 लाख रूपये का गबन किया है. आरोपी युवक अखिलेश सोनी पिता संतोष सोनी उम्र 37 वर्ष किल्लापारा वार्ड क्र.11 खैरागढ़ का रहने वाला है और प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में खैरागढ़ के सरकारी शराब दुकान से कलेक्शन के रूपये लेकर बैंक में जमा करवाने का काम वह सीएमएस कंपनी के मातहत कर्मचारी के रूप में करता था. बताया जा रहा है कि आरोपी अखिलेश सोनी ने कुल 31 लाख 20 हजार 800 रूपये सरकारी राशि का गबन कर उसे ब्याज पर बांटता था. मामले का खुलासा तब हुआ जब राजनांदगांव जिले में बीते 10 अप्रैल को लॉकडाउन हुआ और सरकारी शराब दुकान भी लॉकडाउन के कारण बंद हो गई तब कंपनी को रूपयों के गबन का मामला ज्ञात हुआ. मामले की जानकारी मिलने के बाद सीएमएस कंपनी के भूपेन्द्र समन पिता स्व.मुन्नालाल उम्र 45 वर्ष निवासी पत्रकार कॉलोनी प्रियदर्शनी नगर सुपेला भिलाई द्वारा मामले में खैरागढ़ थाने पहुंचकर आरोपी अखिलेश सोनी के विरूद्ध शिकायत दर्ज कराई गई जिसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक अखिलेश सोनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 407, 408, 409 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है और उसे गिरफ्तार कर खैरागढ़ न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर सलोनी उपजेल भेज दिया गया है.सरकारी शराब दुकान में शराब बिक्री के 31 लाख 20 हजार 800 रूपये के गबन को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सरकारी रूपयों को ब्याज पर चलाने का गोरख धंधा यहां संचालित था. खबर पुष्ट हो कि आरोपी अखिलेश सोनी द्वारा सरकारी रूपयों को शातिराना अंदाज में गबन कर लिया जाता था और नियमों का फायदा उठाकर सरकारी रूपयों का दुरूपयोग किया जा रहा था. मामले को लेकर जो जानकारी मिली है उसके अनुसार प्रतिदिन शाम/रात को सरकारी शराब दुकान में शराब बिक्री की रकम को सीएमएस कंपनी के कर्मचारी संदूक (पेटी) में सील कर खैरागढ़ पुलिस थाने में सुरक्षा के मद्देनजर नियमों के मुताबिक रखवाते थे, चूंकि संदूक सील रहती थी पुलिस को इसकी जानकारी नहीं होती थी कि संदूक में कितने रूपये हैं. दूसरे दिन कंपनी के कर्मचारी नियमों के मुताबिक बैंक में जाकर सरकारी रकम को जमा करवाते थे. इन्हीं नियमों का फायदा उठाकर आरोपी अखिलेश सोनी ने सरकारी रकम की हेराफेरी की और सरकारी रूपयों को खुद के लाभ के लिये ब्याज में बांटता रहा लेकिन 10 अप्रैल को लॉकडाउन होने के बाद शराब दुकान बंद हो गई और रूपयों का हिसाब सामने आया जिसके बाद पता चला कि आरोपी अखिलेश सोनी ने तकरीबन सवा 31 लाख रूपये के सरकारी रकम की हेराफेरी कर डाली है.
राजनांदगांव से मानसिंग की रिपोर्ट====












