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मोक्षदायिनी शिप्रा नदी तट पर किए जाएंगे 18 लाख दीप प्रज्ज्वलित

भोपाल  इस महाशिवरात्रि (18 फरवरी) पर उज्जैन स्थित मोक्षदायिनी शिप्रा नदी किनारे 21 लाख के बजाय 18 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। 15 लाख दीप एक साथ प्रज्जवलित करने का विश्व रिकार्ड बनाया जाएगा। कार्यक्रम शिव ज्योति अर्पणम् महोत्सव नाम से होगा, जो पूरी तरह जीरो वेस्ट होगा।

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इसका मतलब है कि खाली तेल की बोतलों का उपयोग गमले, कुर्सियां बनाने में, जली हुई रूई की बत्तियों का इस्तेमाल रैन बसेरों के लिए गादी बनाने में किया जाएगा। खाने-पीने के लिए केवल जैव निम्नकरणीय प्लेटों का उपयोग किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह सहित कई जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने की खबर है।

तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने कार्यक्रम में समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़ने, आवश्यक अधिकारी- कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ आशीष पाठक और एडीएम संतोष टैगोर को दिए। आशीष पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस साल महाशिवरात्रि पर 18 लाख दीप प्रज्वलित कर शिव ज्योति अर्पण कार्यक्रम किया जाना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से शहर पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित होगा।

शहरी लोगों के व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। अर्थ व्यवस्था बेहतर होगी। रामघाट के अलावा सार्वजनिक स्थलों, घर-घर में शहर के सभी मंदिरों, प्रतिष्ठानों में भी दीप प्रज्ज्वलित होंगे। विद्युत की साज-सज्जा की जाएगी। मालूम हो कि पिछले महीने तक शिप्रा किनारे 21 लाख दीप प्रज्जवलित कर विश्व रिकार्ड बनाने की बात कही गई थी। इसी हिसाब से तेल, दीप, बाती आदि खरीदी के लिए निविदा भी निकाली गई थी।

ब्लाक ‘ए’ केदारेश्वर घाट पर दो लाख 77 हजार दीपब्लाक ‘बी’ सुनहरी घाट पर एक लाख 38 हजार दीपब्लाक ‘सी’ दत्त अखाड़ा घाट पर चार लाख 32 हजार दीपब्लाक ‘डी’ रामघाट पर चार लाख 68 हजार दीपब्लाक ‘ई’ भूखी माता घाट की ओर तीन लाख 78 दीप।

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कलेक्टर ने कहा है कि कार्यक्रम सामाजिक जनभागिदारी से होगा। तीर्थ पुरोहित, पुजारी, अखाड़े, क्षत्रिय मराठा समाज, व्यापारिक संगठन, राजनितिक दल, संत समाज, राठौर समाज, सेन समाज, गुजराती समाज, प्रजापति समाज, अग्रवाल समाज, सामाजिक संस्थाएं, गैर-सरकारी संगठन, कोचिंग संस्थान एवं अन्य संस्थाओं को इस कार्य से जोड़ा जा रहा है।

उज्जैन नगर निगम को दीप, कपूर, तेल, बत्ती एवं अन्य सामग्री की खरीदी, घाटों पर सामग्री का प्रदाय, घाटों की पेंटिंग, ब्लाक की मेपिंग, शहर के प्रमुख चौराहों पर एलईडी स्क्रीन लगाने, शहर में होर्डिंग्स-बैनर लगाने, मंच का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। स्मार्ट सिटी कंपनी को विश्व रिकार्ड से संबंधित समस्त कार्य सौंपे हैं। कलेक्टर ने सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में विभिन्न समाजों के अध्यक्ष और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। कहा कि यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन पिछले वर्ष से बेहतर हो।

शिप्रा नदी के किनारे पिछले वर्ष महाशिवरात्रि (1 मार्च 2022) पर सूरज ढलते ही एक साथ 11 लाख 71 हजार 78 दीये प्रज्वलित कर कीर्तिमान बनाया था। गिनिज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम ने इसे दीपों का सबसे बड़ा प्रदर्शन (लार्जेस्ट डिस्प्ले आफ आयल लैम्प) करार दिया था। विश्व रिकार्ड बनने का प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को प्रदान किया। इसके बाद आतिशबाजी कर शिप्रा आरती की गई थी।

वर्तमान में दीपों के सबसे बड़े प्रदर्शन का रिकार्ड अयोध्या के नाम है। 23 अक्टूबर 2022 को वहां 15 लाख 76 हजार दीप एक साथ जलाने का रिकार्ड अंकित हुआ था। इससे उज्जैन में बना रिकार्ड टूट गया था। अब अयोध्या का रिकार्ड उज्जैन में तोड़े जाने की तैयारी है।

 

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