
नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद उसकी विधवा द्वारा गोद लिया गया बच्चा पारिवारिक पेंशन का हकदार नहीं होगा। न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ और बी.वी. नागरत्ना ने कहा कि मृतक सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद उसके बच्चे का जन्म होता है, इसकी तुलना एक ऐसे मामले से की जानी चाहिए, जहां एक बच्चे को सरकारी कर्मचारी की विधवा द्वारा गोद लिया जाता है।
पीठ ने अपने फैसले में कहा, “उत्तराधिकारियों की पूर्व श्रेणी परिवार की परिभाषा के अंतर्गत आती है, क्योंकि ऐसा बच्चा मृत सरकारी कर्मचारी का मरणोपरांत बच्चा होगा। इस तरह के मरणोपरांत बच्चे को पेंशन पाने का अधिकार नहीं मिल सकाता।












