
इंदिरा गांधी की 108वीं जयंती पर कांग्रेस का कार्यक्रम, नेताओं ने याद किए साहसिक फैसले
जिला कांग्रेस कमेटी ने इंदिरा गांधी की 108वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने 1971 युद्ध, परमाणु परीक्षण और उनके साहसिक नेतृत्व को याद किया।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 108वीं जयंती पर कांग्रेस ने किया श्रद्धांजलि कार्यक्रम, नेताओं ने याद किए उनके साहसिक फैसले

रायपुर/अंबिकापुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की 108वीं जयंती पर आज जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कांग्रेसजनों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर नमन किया और उनके योगदान को याद करते हुए सभा को संबोधित किया।
जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि इंदिरा गांधी सही मायनों में देश की सबसे साहसी प्रधानमंत्रियों में शामिल थीं। उन्होंने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाया और 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को दो हिस्सों में विभाजित कर निर्णायक नेतृत्व क्षमता दिखाई। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी में इतना साहस था कि उन्होंने अमेरिका तक को कड़ा संदेश देने का हौसला दिखाया।
प्रदेश उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव ने कहा कि इंदिरा गांधी जितनी धर्मनिरपेक्ष थीं, उतनी ही दृढ़ता से हिंदू धार्मिक परंपराओं का पालन भी करती थीं। 1977 तक प्रधानमंत्री रहते हुए वह प्रधानमंत्री आवास के मंदिर में प्रतिदिन 108 फूलों से पूजा करती थीं। 1980 में जीत के बाद जब वह दोबारा प्रधानमंत्री आवास लौटीं, तब भी मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया था।
इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, मधु दीक्षित, इरफान सिद्दकी, संजीव मंदिलवार, रजनीश सिंह सहित कई नेताओं ने उनके जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।
कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष लोकेश कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया।
कार्यक्रम में मो. इस्लाम, मदन जायसवाल, अनूप मेहता, अशफाक अली, जमील खान, नरेंद्र विश्वकर्मा, अमित तिवारी राजा, नितीश चौरसिया, बिज्जू गुप्ता, हनुमान सिंह, एपी सांडिल्य, लखन मरावी, उत्तम राजवाड़े, प्रभात रंजन सिन्हा, विकास शर्मा, चंचला सांडिल्य, गीता रजक, मंजू सिंह, मिली तिर्की, अनुराधा सिंह, शालिनी अग्रवाल, सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।












