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हितग्राहीमूलक योजनाओं में 100% स्वीकृति और त्वरित वितरण हो: कलेक्टर अबिनाश मिश्रा

हितग्राहीमूलक योजनाओं में 100% स्वीकृति और त्वरित वितरण हो: कलेक्टर अबिनाश मिश्रा

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डीएलसीसी बैठक में अधिकारियों को निर्देश, लंबित प्रकरणों का 25 मार्च तक हो निराकरण

धमतरी, 18 मार्च 2025: जिले में संचालित हितग्राहीमूलक विकास-सह-रोजगार योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत स्वीकृति के साथ सहायता ऋण राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को 25 मार्च तक सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण करने को कहा।

बैठक में कलेक्टर ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संचालित योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे इस दिशा में तेजी से कार्य करें ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के हितग्राहियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचेगा।

कलेक्टर ने बैंकों द्वारा संचालित बीमा योजनाओं की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को जल्द से जल्द क्लेम राशि प्रदान की जाए। उन्होंने बैंकों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपनी बीमा योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि लोग इनका लाभ उठा सकें।

बैठक में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा
बैठक में कलेक्टर ने निम्नलिखित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की:

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति की योजनाएं
केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) हेतु बैंकों को भेजे गए प्रकरण
प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्योग उन्नयन योजना
रोजगार सृजन योजना
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)
बैंकों के माध्यम से वितरित ऋण और उनके वितरण की स्थिति
कलेक्टर ने बारी-बारी से बैंक अधिकारियों से इन योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली और लंबित मामलों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

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बैठक में बैंकों के सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के उपयोग पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सभी बैंक जिले में सीएसआर फंड के माध्यम से अधिक योगदान दें और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यों में भागीदार बनें। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विकास में करें।

कलेक्टर ने जिले में संचालित बैंकिंग सेवाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली:

जिले में कुल बैंकिंग शाखाओं की संख्या
कुल जमा और कुल ऋण राशि
जमा-ऋण अनुपात
कृषि क्षेत्र के लिए दिए गए ऋण
लघु उद्योग और कमजोर वर्गों के लिए वितरित ऋण
अल्पसंख्यक समुदाय और महिलाओं के लिए स्वीकृत ऋण
उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अधिक से अधिक किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों को ऋण योजनाओं से जोड़ें ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले बैंक अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दो बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों को धमतरी जिला कार्यालय बुलाने के निर्देश दिए।

एक प्रकरण में हितग्राही को सरकारी योजना के तहत ऋण स्वीकृत किए जाने के बावजूद राशि न मिलने पर कलेक्टर ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों से जवाब मांगा। उचित कारण न मिलने पर उन्होंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल मैनेजर को तलब किया।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत क्लेम के निराकरण में देरी के कारण कलेक्टर ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बुलाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि 25 मार्च तक सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं के सुचारू संचालन से ही जिले का आर्थिक और सामाजिक विकास संभव होगा।

बैठक में एलडीओ नवीन कुमार तिवारी, एलबीएम इंदर कुमार केलवानी सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

इस बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि हितग्राही योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी बैंक और संबंधित विभाग 25 मार्च तक लंबित मामलों का निराकरण सुनिश्चित करें ताकि विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

Ashish Sinha

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