
गिरदावरी रिपोर्ट में अफीम को “अन्य फसल” लिखने पर भूपेश बघेल का तंज
बोले – जैसे धान, मक्का और गेहूं फसल हैं, वैसे ही रिपोर्ट में अफीम भी फसल की श्रेणी में दर्ज
रायपुर।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने गिरदावरी रिपोर्ट में अफीम की खेती को “अन्य फसल” लिखे जाने को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि जैसे बरसात के मौसम में धान की फसल लगाई जाती है और कोदो-कुटकी-रागी को लघु धान्य कहा जाता है, उसी प्रकार किसान अलग-अलग फसलें उगाते हैं, जैसे कोई मक्का बो देता है तो कोई गेहूं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह गिरदावरी रिपोर्ट में अफीम की खेती को “अन्य फसल” के रूप में दर्ज किया गया है। उनके अनुसार इसका मतलब यह है कि इसे फसल की श्रेणी में डाल दिया गया है और इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार ने इसे मान्यता दे दी है।
बघेल ने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि यदि राजस्व रिकॉर्ड में अफीम की खेती को फसल के रूप में दर्ज किया जा रहा है, तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।












