
सेना–बीएसएफ का संयुक्त प्रशिक्षण, बाड़मेर में गोल्डन कटार डिवीजन ने बढ़ाया ऑपरेशनल तालमेल
कोणार्क कोर की गोल्डन कटार डिवीजन ने राजस्थान के बाड़मेर में बीएसएफ के साथ संयुक्त प्रशिक्षण किया। अभ्यास में हथियार संचालन, ड्रिल्स और ऑपरेशनल तालमेल पर विशेष फोकस रहा।
सेना–बीएसएफ की संयुक्त तैयारियों को मिला नया आयाम
कोणार्क कोर की गोल्डन कटार डिवीजन ने राजस्थान के बाड़मेर में किया संयुक्त प्रशिक्षण
नई दिल्ली / बाड़मेर | 08 जनवरी 2026| भारतीय सेना की कोणार्क कोर के अंतर्गत गोल्डन कटार डिवीजन द्वारा सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण राजस्थान के बाड़मेर जिले में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों बलों के बीच ऑपरेशनल तालमेल, युद्धक दक्षता और मिशन प्रभावशीलता को और मजबूत करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान बीएसएफ राजस्थान की इकाइयों को हथियार संचालन, ड्रिल्स और सामरिक प्रक्रियाओं पर केंद्रित अभ्यास कराया गया। इस संयुक्त अभ्यास में ज़मीनी स्तर पर श्रेष्ठ सैन्य अनुभवों (Best Practices) को साझा किया गया, जिससे दोनों बलों की कार्यप्रणाली में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
ऑपरेशनल तालमेल पर विशेष फोकस
कोणार्क कोर ने जानकारी दी कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना और बीएसएफ के बीच संयुक्त परिचालन क्षमता को बढ़ाना है, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
सीमा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
इस तरह के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों से न केवल सीमा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच विश्वास, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता भी बढ़ती है।
भारतीय सेना और बीएसएफ भविष्य में भी इस प्रकार के अभ्यासों के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।








