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दिल्ली दंगा : आईबी अधिकारी की मौत के मामले में ताहिर हुसैन पर हत्या का आरोप तय

दिल्ली दंगा : आईबी अधिकारी की मौत के मामले में ताहिर हुसैन पर हत्या का आरोप तय

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के एक अधिकारी की मौत के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ हत्या का आरोप तय किया है। 2020 के दंगे के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का शव नाले में मिला था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने कहा कि साक्ष्य कहते हैं कि हुसैन वह व्यक्ति है, जिसने भीड़ को हिंदुओं को मारने के लिए प्रोत्साहित किया।

आदेश में कहा गया है, सबूतों के अनुसार, भीड़ हिंदुओं और उनकी संपत्तियों पर हमला सुनियोजित तरीके से की गई थी। ताहिर हुसैन ने हिंदुओं को मारने के लिए उकसाने वाली भूमिका निभाई। उन्होंने भीड़ को उकसाया, जब अंकित शर्मा इस भीड़ की ओर आगे आए।

अदालत ने हुसैन सहित 11 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए और कहा कि वे धारा 147 (दंगे), 148 (दंगे, घातक हथियार से लैस), 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत अपराधों के लिए मुकदमा चलाने के लिए उत्तरदायी हैं। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) भी लगाई गई है।

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हुसैन पर आईपीसी की धारा 505 (सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान), 109 (उकसाना और 114 (अपराध होने पर उकसाने वाला मौजूद)) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

अदालत ने कहा, भीड़ के प्रत्येक सदस्य ने वहां इकट्ठा होकर हिंदुओं को निशाना बनाने के उद्देश्य से भाग लिया। इस भीड़ के सदस्यों के इस तरह के आचरण से पता चलता है कि वे लोगों को मारने में लगे थे। इस प्रकार, रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से अच्छी तरह से परिलक्षित होता है कि दंगे में शामिल होने, हिंदुओं को मारने और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की आपराधिक साजिश रची गई।

26 फरवरी, 2020 को अंकित शर्मा के पिता, रवींद्र कुमार द्वारा इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुख्य करावल नगर रोड पर चांद बाग पुलिया पर सीएए विरोधी और सीएए समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा दो-तीन दिनों तक प्रदर्शन किया गया था।

उस समय दोनों ओर से पथराव, आगजनी, फायरिंग और तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी थीं।

अंकित शर्मा के पिता का आरोप है कि हुसैन, जिसका ऑफिस पास में ही था, ने उसमें काफी गुंडे इकट्ठे किए थे और उनकी मदद से लोगों में डर पैदा करने वाली घटनाओं को अंजाम दिया था।

शर्मा की लंबी अनुपस्थिति के कारण उनके पिता ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

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