सूरजपुर : शासन दवा विक्रेताओं, फार्मासिस्ट एवं दवा दुकान में बैठने वाले कर्मचारियों को वारियर घोषित करें!

गोपाल सिंह विद्रोही/ प्रदेश खबर /प्रमुख छत्तीसगढ़/इस आशय का पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रेषित करते हुए जिला औषधि विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष एवं स्थानीय अग्रवाल मेडिकल स्टोर के संचालक विनोद अग्रवाल ने प्रेषित की है जिला अध्यक्ष ने पत्र में उल्लेख किया है कि हम ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट्स के निर्णय के साथ है । उन्होंने पत्र में उल्लेखित किया है कि ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट्स जो कि भारत के सभी 9.40 लाख केमिस्टों का देशव्यापारी संगठन है ने अपने सदस्यों के हितों के संरक्षण हेतु देश के समस्त व्यापारियों के साथ-साथ लॉक डाउन में शामिल होने का विचार विमर्श किया है।संस्था के अध्यक्ष जे एस शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने स्पष्ट किया है कि देश का प्रत्येक केमिस्ट तमाम खतरों के बाबजूद भी देश की पीड़ित मानवता कि सेवा दवा की निरंतर उपलब्धता करवा रहे हैं और देश के समस्त दवा विक्रेताओं का महत्व डॉक्टर, नर्स हॉस्पिटल स्टाफ और सफाई कर्मचारियों से कोई कम नहीं आंका जा सकता क्योकि वे तमाम लॉकडाउन और अनेक प्रतिबंधों के बावजूद भी सभी प्रकार के खतरों से रूबरू होते हुए मैदान में डटे हुए हैं किन्तु आज तक सरकार ने अनेकानेक ज्ञापनों के बावजूद भी न तो आज तक दवा विक्रेताओं/फार्मासिस्टों को कोविड वारियर घोषित किया है न ही उन्हें वेक्सीनेशन में प्राथमिकता प्रदान की गयी है, जबकि गत वर्ष से आज तक देश में लगभग 650 से अधिक दवा विक्रेता पीड़ित मानवता की सेवा करते करते कोविड का शिकार बनकर शहीद भी हो गए हैं आज सरकार के दवा विक्रेताओं के प्रति नकारात्मक रवैये से देश के समस्त 9.40 लाख दवा व्यापारियों में भारी रोष है। दवा विक्रेता/फार्मासिस्ट और उनका स्टाफ सदैव ही मरीज एवं उनके परिजनों को दवा देते समय संपर्क में रहते हैं उस खतरे की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। जिला औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने आगे उल्लेख किया है कि कि दवा विक्रेता होने के बावजूद भी जब हमारे परिजनों को रेमडेसिविर और टोसीजुमेब कि जरूरत हुई तो भी शासन के नियमों के अधीन हमें इंजेक्शन नहीं मिले इससे भी कई केमिस्ट ईश्वर को प्यारे हो गए। अब यही हाल अम्फेटरोसिन का हो रहा है। जहां हम सरकार के तमाम प्रतिबंधों के बाद अपने परिजनों को यह उपलब्ध नही करवा पा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया इस संगठन के इस मांग को जल्द नहीं स्वीकार किया तो जिला और सर्दी संघ के सदस्य वी लॉकडाउन में शामिल होंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन जीवनी बहुत जने गवा चुके हैअब नहीं गवांगे।

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