Uncategorized

गरियाबंद : विदेशों तक फैल रहीं जिले के महुआ की महक”

गरियाबंद जिले का महुआ फुल की महक विदेशों तक पहुंचा, भूपेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना वन धन केन्द्र में फूड ग्रेड महुआ संग्रहण

विदेशों तक फैल रहीं जिले के महुआ की महक”

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

जिले के देवभोग वन-धन विकास केंद्र में महिला समूह द्वारा तैयार किया जा रहा फूड ग्रेड महुआ।

देवभोग से लंदन तक हो रही सप्लाई।

पिछले वर्ष भी गोवा और लंदन गया था 180 क्विंटल महुआ।

उमेश /रिपोर्टर /गरियाबंद /देवभोग– गरियाबंद जिले के महुआ फुल पहली बार पिछले वर्ष लंदन में बिका था और गोवा में भी यहां के महुआ फुल की विशेष मांग है गरियाबंद वनमंडल अंतर्गत ग्राम ध्रुर्वागुढ़ी काण्डसर मे फूड ग्रेड महुआ का संग्रहण कार्य किया जा रहा है। देवभोग वन धन विकास केन्द्र में महिला समूह फूड ग्रेड महुआ तैयार कर रहे है जिसकी मांग विदेशों तक है। पिछले साल गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में संग्रहित किये गये महुआ फुल 116 रूपये प्रतिकिलो की दर से गोवा और लंदन में बिक्री हुआ थाा। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार की आय बढ़ाने एवं स्वसहायता समूह को मजबूत करने छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल सरकार की महत्वपूर्ण योजना वन धन केन्द्र के तहत महुआ संग्रहण कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार के महत्वपूर्ण योजना में से एक वन धन केन्द्र है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

इस केंद्र में महुआ फूल प्रसंस्कृत होने वाले वनोपजों में से महत्वपूर्ण है। पहली बार वन धन विकास केंद्र में महिला समूह महुआ फूल प्रोसेस कर फूड ग्रेडिंग महुआ फूल तैयार कर रही है। महुआ फूल मैनपुर विकासखण्ड के कांडसर कलस्टर में चयनित 1000 पेड़ों से हो रहा है। वहां जय मां भगवती स्वसहायता संगठन इस काम पर लगी हुई है.

लघुवनोपज जिला यूनियन ने बताया कि पिछले बार बतौर ट्रायल ग्राम समिति स्तर पर ही खरीदी व प्रोसेसिंग किया गया था। 180 क्विंटल फूड ग्रेड महुआ तैयार हुआ था. 5 से ज्यादा समूह काम पर जुटी थी. गोवा व लंदन में फूड ग्रेड महुआ टेंडर प्रक्रिया के तहत 116 रुपए प्रति किलो के दर पर बिका था. इस बार प्रोसेसिंग वन धन केंद्र में किया जा रहा है. रायपुर वृत्त यानी 5 वन मंडलो में यह इकलौता केंद्र है, जहां वैज्ञानिक पद्धति से फूड ग्रेड महुआ तैयार किया जा रहा है. इस बार 100 क्विंटल का फूड ग्रेड महुआ तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। वन धन केंद्र में रायपुर वन वृत्त से तैनात सीनियर एग्जीकेटिव लोकेश कोसमा के देखरेख में फूड ग्रेड महुआ तैयार हो रहा है. कोसमा इसे तैयार करने की प्रक्रिया को बताया. इनके मुताबिक सबसे पहले चयनित महुआ पेड़ों के नीचे नेट बांध दिया जाता है, ताकि महुआ नीचे न गिरे. हाथों से बगैर छुए उसे कैरेट में भरते हैं. संग्रहण केंद्र से प्रसंस्करण केंद्र तक 6 घंटे के भीतर पहुंचाना होता है. परिवहन के दरम्यान कैरेट को नमी युक्त जुट के बोरों से ढक दिया जाता है.प्रोसेस के पहले कच्चे महुआ की ग्रेडिंग होती है, मानक पर खरा उतरा तो उसे ड्रायर पर रखा जाता है. एक ड्रायर में अधिकतम 20 से 30 किलो कच्चा महुआ डाला जाता है। ड्रायर अल्ट्रावायलेट पॉलीथिन से कवर रहता है. महुए से निकलने वाले भाप बाहर निकलने के लिए वेंटिलेशन पाइप भी होता है. रोजाना 3 से चार बार सुख रहे महुआ फूल को पलटना होता है. 5 दिन के प्रोसेस में गोल्डन भूरा रंग का महुआ तैयार हो जाता है. खाद्य मानकों के मापदंड के अनुसार प्रत्येक प्रोसेस की जांच लैब इंटन द्वारा परीक्षण कर रिपोर्ट दिया जाता है. अमानक हुआ तो प्रोसेस दोबारा होता है। पैकिंग के पहले ग्रेडिंग, फूल से जीरा बाहर करना होता है. फाइनली 5 किलो कच्चे महुआ का 1 किलो फूड ग्रेड तैयार हो पाता है।

फूड ग्रेड महुआ की आधुनिक तकनीक से इसका संग्रहण कर इसे सुखाया जा रहा है और इसमे थोड़ा भी धूल व मिट्टी के कड़ नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश मे 9 वनमंडल मे फूड ग्रेड महुआ का संग्रहण किया जा रहा है जिसमे वनमंडल गरियाबंद, कटघोरा, कोरबा, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, धरमजयगढ़, जसपुर, मागेन्द्रगढ़, कोरिया शामिल है। महुआ से पहले सिर्फ शराब बनाया जाता था अब इस महुआ फुल को खाद्य प्रोडक्ट अभी बनाया जा रहा है इसलिए फूड ग्रेड महुआ की मांग बढ़ी है।

Keshri shahu

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!