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खुद को तैरना नहीं आता फिर भी अमन ने बचाई थी डूबते दोस्त की जान, अब मिलेगा वीरता पुरस्कार

कोरबा। अमन ज्योति को राज्य वीरता पुरस्कार के बाद अब राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उसने अपनी जान दांव पर लगाकर अपने दोस्त को डूबने से बचाया था। वहां मौजूद अमन सहित अन्य को भी तैरना नहीं आता था। फिर भी अमन ने जान की बाजी लगाते हुए पानी में छलांग लगा अपने दोस्त को बचा लिया।

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अपनी जिंदगी लगा दी दांव पर
छत्तीसगढ़ कोरबा जिला के 15 ब्लाक निवासी 15 वर्षीय अमन ज्योति जाहिरे के पिता ब्रह्म ज्योति जाहिरे पूर्व पुलिसकर्मी हैं। उनके चाचा कमल ज्योति जाहिरे छत्तीसगढ़ शासन में सहायक जनसंपर्क अधिकारी हैं। अमन ज्योति ने अपने दोस्त को बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव में लगा दी थी।

एक अगस्त 2021 फ्रेंडशिप डे के दिन दोपहर लगभग दो बजे अपने एक मित्र का जन्मदिन मनाने के लिए शहर से 20 किलोमीटर दूर पिकनिक स्पाट परसाखोला झरना के पास गए थे। इसी दौरान कक्षा 12 वीं में अध्ययनरत छात्र आशीष ठाकुर, जलप्रपात के किनारे में अपना हाथ-पैर धोने के लिए गया। वहां चट्टान में पैर फिसल कर गिरने के कारण वह पानी के तेज धार में बहने लगा।

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आगे गहरी खाई होने के कारण उसमें गिरने का खतरा था। खतरनाक फिसलन चट्टान और पानी की तेज धार में आशीष को बहते देख सभी मित्र घबरा गए। आशीष को तैरना नहीं आता था और वे बचाने के लिए लोगों को पुकारने लगा। अपने से उम्र में बड़ा आशीष को बचाने 15 वर्षीय छात्र अमनज्योति पानी के तेज बहाव में कूद गया।

अमन को भी तैरना नहीं आता था, वह यह सोचकर कि मित्र को किसी भी तरह बचाने की कोशिश कर लेगा, वह पानी में कूद गया। पानी में चट्टानों के बीच बहते हुए अपने मित्र आशीष को अमन ने पकड़ लिया। कुछ देर तक आशीष को रोक कर रखे के बाद एक अन्य मित्र दीपांशु के पहुंच जाने से वे दोनों आशीष को किनारे ले आए। पानी के तेज बहाव में बहने के कारण आशीष बेहोश हो चुका था।किनारे पर लाकर उन्होंने आशीष के पेट में भरे पानी को बाहर निकाला। अमन की सूझबूझ व साहस से उसके मित्र आशीष की जान बच गई।

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