
छ0ग0 ओबीसी महासभा सरगुजा इकाई द्वारा महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

पिछड़ा वर्ग के हित संवर्धन एवं उत्थान हेतु शासन स्तर पर कार्यवाही की मांग
अम्बिकापुर। ओबीसी महासभा छत्तीसगढ़ के आव्हान पर ओबीसी महासभा इकाई जिला सरगुजा द्वारा कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री छ0ग0 शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मांग किया गया है लंबित राष्ट्रीय जनगणना 2021 शीघ्र कराई जावे, जिसमें ओबीसी के लिए पृथक से कोड नं. निर्धारित हो उक्ताशय का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को अविलम्ब भेजा जावे, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 02 दिसंबर को पारित आरक्षण विधेयक पर महामहिम राज्यपाल महोदय के अविलम्ब हस्ताक्षर किये जाने हेतु आवश्यक पहल किये जाने की मांग, मंडल आयोग की अनुशंसाओं को पूर्णतः लागू किये जाने एवं ओबीसी के लिए आबादी के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा में 47 सीट और लोकसभा में 353 सीटें आरक्षित किये जाने हेतु प्रस्ताव केन्द्र सरकार को अविलम्ब भेजा जावे ताकि 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव एवं 2024 के होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ओबीसी के लिए सीट आरक्षित कर सके, छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा का नया परिसीमन कर विधानसभा सीट को बढ़कार 100 सीट किया जावे, शासकीय विभागों के निजीकरण रोकने हेतु केन्द्र सरकार को प्रस्ताव अविलम्ब भेजें तथा निजीकरण को चुके संस्थाओं में आरक्षण रोस्टर लागू कर भर्ती किये जाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को अविलम्ब भेजे जाने की मांग की गई है, आन्ध्र प्रदेश सरकार की तर्ज पर राज्य लोक सेवा आयोग के द्वारा भर्ती की जाने वाली समस्त पदो के लिए इन्टरव्यू के प्रावधान को बंद किया जावे, देश के कर्नाटक, केरल, आन्ध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों में पृथक से पिछड़ा वर्ग विभाग संचालित है। छ.ग. राज्य में ओबीसी से संबंधित योजना एवं कार्यक्रम आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही है, जिससे ओबीसी के हित संवर्धन एवं संरक्षण की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा सका है। छत्तीसगढ़ राज्य में ओबीसी का पृथक से विभाग स्थापित किया जावे ताकि ओबीसी हित संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यो में गति आ सके, ओबीसी के बच्चों के लिए तहसील स्तर पर पोस्ट मैट्रिक एवं प्री-मैट्रिक छात्रावास तथा जिला स्तर पर कन्या छात्रावास का प्रावधान किया जावे, प्रदेश में आउटसोर्सिंग पूर्णतः बंद किये जाने की मांग की है, ओबीसी के लिए लागू असंवैधानिक क्रीमीलेयर की बाध्यता को समाप्त किये जाने की मांग की गई है, ओबीसी को एस.टी., एस.सी. एवं सामान्य वर्ग की भांति आबादी के बराबर आरक्षण दिये जाने तथा ओबीसी आरक्षण को भारत सरकार द्वारा आध्यदेश पारित कर संविधान की नवमीं अनुसूची में शामिल करने हेतु प्रस्ताव केन्द्र को भेजे जाने की मांग की गई है, प्रत्येक जिला मुख्यालयों में ओबीसी महासभा के लिए भूमि एवं भवन आबंटित किया जावे, राज्य छात्रवृत्ति में विसंगतियों को दूर करते हुए केन्द्र के समान तथा एसटी एवं एससी की भांति समान शर्तों पर ओबीसी को भी छात्रवृत्ति प्रदान किया जावे, छ.ग. प्रदेश के सभी शासकीय हायर सेकेण्डरी शालाओं में कृषि संकाय नये सत्र से संचालित किया जावे, ओबीसी के समुचित विकास एवं उत्थान के लिए प्रचलित आरक्षण के बराबर बजट का प्रावधान किया जावे, दिवंगत शिक्षक (पंचायत/नगरी निकाय) आश्रितों, परिजनों को तकनीकी संविलयन मानते हुए अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किया जावे, महात्मा ज्योतिषा फूले की जयंती दिवस 11 अपै्रल को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जावे, फूले दंपति को भारत रत्न से सम्मानित किये जावे तथा महात्मा ज्योतिषा फूले एवं सावित्री बाई फूले के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं उनके जीवन दर्शन को पाठ्यक्रम में शामिल किया जावे, मंडल आयोग के अनुशंसाओं को छत्तीसगढ़ के पाठ्यक्रमांें में शामिल किया जावे, जिला बेमेतरा थाना साजा ग्राम बिरनपुर में दिनांक 08 अपे्रल को घटित ओबीसी युवक, भुनेश्वर साहू की हत्या करने वाले अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिये जाने एवं पीड़ित परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी एवं एक करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान किये जाने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपते समय प्रदेश सचिव सुभाष चन्द्र साहू, संभागीय अध्यक्ष मनीष दीपक साहू, संभागीय प्रवक्ता आनंद सिंह यादव, संभागीय महासचिव एन.पी. गुप्ता, कार्यकारी सरगुजा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता, डाॅ0 सोनिया गुप्ता, सुरेन्द्र विश्वकर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।












