आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 हेतु कर्मचारी डाटा प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में डाटा एंट्री के लिए दिया गया प्रशिक्षण

महासमुंद : आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 हेतु कर्मचारी डाटा प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में डाटा एंट्री के लिए दिया गया प्रशिक्षण

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किशोर साहू /रिपोर्टर / राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 को दृष्टिगत रखते हुए मतदान दलों के गठन हेतु कर्मचारियों का डाटाबेस तैयार किया जाना है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती ऋतु हेमनानी के मार्गदर्शन में कर्मचारी डाटा प्रविष्टि सॉफ्टवेयर (पीपीईएस) के संबंध में आज जिला सभाकक्ष में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में कार्यालय के तकनीकी ज्ञान रखने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं लिपिक शामिल हुए।
प्रत्येक विभाग द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों का डाटा एंट्री अपने ही कार्यालय में किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ऋतु हेमनानी ने बताया कि प्रशिक्षण देने का उद्देश्य नोडल अधिकारी द्वारा यह सुनिश्चित कराना है कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों का शत-प्रतिशत डाटा एंट्री हो, चाहे वह संविदा, प्लेसमेंट, डेली वेजेस क्यों न हो। सभी विभाग के नोडल अधिकारी को सॉफ्टवेयर यूजर मैनुअल, यूजर आई.डी. एवं पासवर्ड सूचना विज्ञान अधिकारी एन.आई.सी. द्वारा प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की डाटा एंट्री करनी होगी। मूल कार्यालय से अलग अन्य कार्यालय में संलग्न कर्मचारियों की एंट्री उस कार्यालय से करनी है, जहां से उनका वेतन निकाला जाता है। किसी भी परिस्थिति में कर्मचारी डाटाबेस में किसी भी कर्मचारी की एंट्री एक से अधिक बार नहीं होनी चाहिए।
पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि सॉफ्टवेयर में डाटा एंट्री प्रारंभ करने से पहले कार्यालय एवं समस्त कर्मचारियों की जानकारी संलग्न प्रारूप में तैयार करनी होगी। कर्मचारी डाटाबेस के सभी कॉलम की जानकारी अनिवार्य रूप से भरना होगा। कर्मचारी डाटाबेस में किसी भी अधिकारी-कर्मचारी का विवरण केवल एक बार ही भरना होगा। कर्मचारी डाटाबेस के फोटो कॉलम में संबंधित अधिकारी-कर्मचारी का कलर फोटो स्कैन कर अपलोड (जेपीजी फॉर्मेट में अधिकतम 20 केबी फाईल साईज) करना होगा। दिव्यांग, निशक्त अधिकारी-कर्मचारी का डाटा एंट्री करते समय दिव्यांगता, निःशक्तता का प्रकार एवं प्रतिशत भी एंट्री करनी होगी। साथ ही सक्षम प्राधिकारी के द्वारा दिया गया दिव्यांगता, प्रमाण पत्र स्कैन कर अपलोड (जेपीजी फॉर्मेट में अधिकतम 100 केबी 150 केबी फाईल साईज) में करनी होगी। निर्वाचन ड्यूटी में नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान कैशलेस माध्यम से उनके बैंक अकाउंट में किया जाएगा। कर्मचारी डाटाबेस में संबंधित अधिकारी-कर्मचारी का वेतन जिस बैंक अकाउंट नंबर में जमा करवाया जाता है, उसका विवरण (अकाउंट नंबर, बैंक का नाम ब्रांच का नाम एवं उसका आईएफएससी कोड) भरना होगा। कर्मचारी डाटाबेस में अधिकारी-कर्मचारी का मतदाता पहचान क्रमांक (ईपीन/ईपीआईसी) नंबर भरना होगा। यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी का इपिक नहीं बना है तो संबंधितों के तत्काल इपिक तैयार किया जाकर इपिक नंबर कर्मचारी डाटाबेस में अनिवार्यतः प्रविष्ट करना होगा।
अधिकारी-कर्मचारियों का डाटाबेस अद्यतन होने के बाद अधिकारी-कर्मचारियों की सूची प्रिंट कर जांच करवानी होगी। सब कुछ ठीक होने पर ही डाटाबेस को फाइनलाइज करना होगा। फाइनलाइज होने के पश्चात इस आशय का प्रमाण-पत्र कि विभाग के समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों का डाटाबेस तैयार हो गया निर्वाचन कार्यालय में भेजना होगा।