उत्तर बस्तर कांकेर : जल जीवन मिशन कांकेर अंतर्गत जल बहिनियों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आमाबेड़ा में

उत्तर बस्तर कांकेर : जल जीवन मिशन कांकेर अंतर्गत जल बहिनियों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आमाबेड़ा में

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

विकासखण्ड अंतागढ़ के ग्राम पंचायत आमाबेड़ा में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन कांकेर अंतर्गत जल बहिनियों की एक दिवसीय कार्यशाला सरपंच लोकेश बघेल की अध्यक्षता एवं सामाजिक कार्यकर्ता किशोर मरकाम की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला समन्वयक कुमार सिंह तोप्पा एवं आईएसए प्रतिज्ञा विकास संस्थान के टीम लीडर ऋषि कुमार सेन ने जल जीवन मिशन में जल गुणवत्ता के महत्व का संक्षिप्त में परिचय देते हुए कार्यशाला की जानकारी दी। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग उपखण्ड अंतागढ़ के सहायक अभियंता व्ही. के संघोरिया ने जल बहिनियों को संबोधित करते हुए कहा कि एफटीके कीट में दिए गए उपकरण एवं विधि के अनुसार जल गुणवत्ता परीक्षण करें तथा जांच उपरांत परिणाम को रजिस्ट्रार में लिखे और ऑनलाइन एंट्री करने कहा। तत्पश्चात सरपंच श्री लोकेश बघेल ने कहा कि आज गांव में अनजाने में आयरन, फ्लोराइड युक्त पानी पीते हैं, लेकिन आप सब जल गुणवत्ता परीक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने-अपने गांवों में जाकर जल गुणवत्ता परीक्षण करेंगे तो उसका लाभ गांव के लोगों को शुद्ध पेयजल के रूप में मिलेगा। जिला नोडल अधिकारी जल जीवन मिशन कांकेर नवीन कुमार साहू ने कहा कि जल जीवन मिशन तहत हर घर नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जानी हैं। इसमें जल गुणवत्ता को बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इसलिए गांव के पांच जल बहिनियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं वे जल बहिनी अपने गांव के जल स्रोतों का जल परीक्षण कर दूषित जल का पता लगाएंगे ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जा सके। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता किशोर मरकाम ने कहा कि जीवन में बीमारियों का जड़ दूषित जल के सेवन से होता हैं, खानपान से होता हैं। उन्होंने जल हैं तो कल हैं को रेखांकित करते हुए कहा कि हम सब जल का संचयन करें, पानी का सदुपयोग किया जाना चाहिए। इसके बाद जिला समन्वयक निशा वामन द्वारा जल जीवन मिशन में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की भूमिका, जल संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व को विस्तार से समझाया। जिला समन्वयक ज्योति शांडिल्य द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण की संपूर्ण जानकारी देते जल बहिनियों को ग्राम के जल स्रोत का जल नमूना लेकर जल गुणवत्ता परीक्षण के विभिन्न पैरामीटर पर परीक्षण करना सिखाया व अशुद्ध जल से होने हानिकारक प्रभाव एवं बीमारियों से बचने की जानकारी दी। ग्राम में जल स्रोत स्थल के पास जाकर जल नमूना लेकर जल बहिनियों द्वारा जल परीक्षण कर जाँच किया गया एवं परिणाम को नोट किया गया। अतिथियों द्वारा जल बहिनियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। ऋषि कुमार सेन द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
कार्यशाला में शिवा रेड्डी, छत्रपाल साहू, आईएसए एनजीओ प्रतिज्ञा विकास संस्थान के प्रतिनिधि नागेश कोमरा, अमृता पददा, खिलेश्वरी कावड़े, उपखण्ड अंतागढ़ के जल नमूना संग्रहकर्ता मोनेश महावीर, हैंडपंप तकनीशियन विरेन्द्र वार्डे एवं अन्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।