Advertisement

गरियाबंद : कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा चिरायु की कार्यक्रम की समीक्षा बैठक ली

गरियाबंद : कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा चिरायु की कार्यक्रम की समीक्षा बैठक ली

कोई भी बच्चा ईलाज से वंचित न रहे -कलेक्टर

महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ कार्य करें

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.18.43
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.56.51
ChatGPT Image Aug 8, 2026, 10_06_26 PM

हिमाचल बघेल /न्यूज रिपोर्टर/गरियाबंद /कलेक्टर प्रभात मलिक ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के चिरायु टीम के अधिकारियों की बैठक लेकर उनके योजनाओं तथा उनसे संबंधित विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत सखी वन स्टॉप सेंटर में रहने वाली महिलाओं की संवेदनशीलता के साथ देखरेख करने एवं उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के प्रयासों पर कार्य करने कहा। इसी प्रकार उन्होंने गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए विशेष निगरानी के साथ उपचार कराने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने सखी वन स्टॉप सेंटर के लिए भवन का चिन्हांकन करने और वहां उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा। सखी वन स्टॉप सेंटर में रहने वाली महिलाओं की संवेदनशीलता के साथ देखरेख करने एवं उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के प्रयासों पर कार्य करने कहा। प्रत्येक कार्यालय में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध ओर प्रतितोष अधिनियम 2013 का क्रियान्वयन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिये। बालक एवं बालिका संप्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों की जानकारी लेकर इन्हें सुधारात्मक प्रयासों से जोड़ने कहा है। इसी प्रकार उन्होंने गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए विशेष निगरानी के साथ उपचार कराने कहा। कलेक्टर ने कहा कि समाज का हर एक बच्चा अहम है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण से उनका कल्याण व जतन करें।
स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु की समीक्षा करते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले के साथ आपसी सामांजस्य बनाकर महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, सुपोषण में सुधार लाने के लिए कार्य करें। इसके लिए आंगनबाड़ी, स्कूल एवं गांवों में सर्वे कर हितग्राहियों का चिन्हांकन करें, जिससे गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज किया जा सके। उन्होंने कहा की कोई भी गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चा छुटने ना पाए इसका विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में जाने के पूर्व महिला एवं बाल विकास विभाग एवं शिक्षा विभाग को सूचित कर जाएं जिससे बच्चे मिल सके। उन्होंने चिरायु दल को कहा कि निरीक्षण के दौरान ऐसे बच्चे नजर आते हैं जिनमें कुछ बीमारियों के लक्षण दिखाई देते हैं ऐसे बच्चों का भी स्क्रीनिंग करने के लिए कहा। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों का भी सहयोग ले। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत शून्य से 06 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार देने तथा गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत एएनसी चेकअप, पंजीयन और उनका हिमोग्लोबिन टेस्ट कराने तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गरम भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है, वहां 10 दिवस के भीतर नियुक्ति करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों में एलपीजी गैस के माध्यम से बच्चों के लिए भोजन बनाये। प्रत्येक आंगनबाड़ी भवन में बिजली, पंखे, पानी, शौचालय सहित मूलभूत व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए, इस पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM