
राजिम कुंभ कल्प 2026: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने CM विष्णुदेव साय को किया आमंत्रित
छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को राजिम कुंभ कल्प 2026 में शामिल होने का आमंत्रण दिया। आयोजन को भव्य बनाने के लिए राज्य सरकार की तैयारियां तेज़।
राजिम कुंभ कल्प 2026 के लिए पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को किया आमंत्रित
रायपुर, 29 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री आवास में शिष्टाचार भेंट कर राजिम कुंभ कल्प 2026 में सम्मिलित होने का औपचारिक आमंत्रण दिया। इस अवसर पर कुंभ कल्प के आयोजन, तैयारियों और इसके सांस्कृतिक व पर्यटन महत्व को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रमुख प्रतीक है। यह विशाल स्नान पर्व कुंभ मेला परंपरा से प्रेरित है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक भाग लेते हैं। वर्ष 2026 का राजिम कुंभ कल्प राज्य के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।
मंत्री ने जानकारी दी कि आयोजन के दौरान
- पारंपरिक संगम स्नान
- धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
- लोक उत्सव और हस्तशिल्प प्रदर्शन
जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।
इस अवसर पर आयुक्त रायपुर महादेव कावरे एवं कलेक्टर गरियाबंद बी.एस. उईके भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए राजिम कुंभ कल्प 2026 की सफलता के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि
“राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और आर्थिक विकास को सशक्त करने वाला महापर्व है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार इस आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष तैयारियां कर रही है। इनमें स्वच्छता अभियान, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा प्रबंध और डिजिटल प्रचार को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं गरियाबंद जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर आयोजन समितियों का गठन कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
राजिम कुंभ कल्प 2026 को लेकर सरकार और प्रशासन की सक्रियता से यह आयोजन छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिलाने वाला मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।









