
पुतिन की भारत यात्रा: सुखोई-57, S-400 और रोजगार समझौते पर बड़ा निर्णय संभव
पुतिन की संभावित भारत यात्रा में सुखोई-57 के सह-उत्पादन, S-400 राडार सिस्टम और 10 लाख भारतीय श्रमिकों की भर्ती को लेकर बड़े समझौते होने की उम्मीद।
पुतिन की भारत यात्रा में तीन बड़े रक्षा करार तय! सुखोई-57 लड़ाकू विमान, S-400 राडार और रोजगार समझौता संभावित
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। सूत्रों के मुताबिक पुतिन 5-6 दिसंबर को होने वाले 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आ सकते हैं। हालांकि आधिकारिक घोषणा बाकी है। इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें रक्षा, ऊर्जा, नए रोजगार और सामरिक साझेदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते होने की संभावना है।
सुखोई-57 का भारत में सह-उत्पादन: रक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा करार
शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और रूस के बीच तीसरा और सबसे बड़ा करार सुखोई-57 (Su-57) पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के सह-उत्पादन को लेकर हो सकता है।
- वायुसेना को 114 फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट्स की तत्काल आवश्यकता
- भारत इन विमानों को अपनी भूमि पर सह-निर्मित करने पर जोर दे रहा है
- Su-57 वर्तमान में रूस का सबसे एडवांस्ड मल्टी-रोल स्टेल्थ फाइटर है
अगर यह समझौता होता है तो यह भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊँचाई देगा।
S-400 राडार सिस्टम की अतिरिक्त खरीद पर भी सहमति संभव
भारत रूस से पांच और S-400 राडार सिस्टम खरीदना चाहता है।
- 5 में से 3 सिस्टम की डिलीवरी हो चुकी, 2 की आपूर्ति शेष
- ऑपरेशन सिंदूर में S-400 ने दुश्मन हमलों को नाकाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी
भारत इन सिस्टम्स को अपनी वायु रक्षा ढांचे की रीढ़ मानता है।
रूस में एक लाख भारतीय श्रमिकों की भर्ती: बड़ा रोजगार करार
रूस पहले ही संकेत दे चुका है कि वह अपने औद्योगिक क्षेत्रों में 10 लाख (1 मिलियन) भारतीय कुशल श्रमिकों की भर्ती करेगा।
इसके लिए लेबर मोबिलिटी समझौते का प्रारूप तैयार है, जिसमें शामिल होंगे—
- श्रमिक सुरक्षा
- आव्रजन नियम
- वीज़ा प्रक्रियाएँ
- सामाजिक सुरक्षा प्रावधान
यह भारत के युवाओं के लिए बड़ी रोजगार संभावना खोलेगा।
कूटनीतिक संतुलन: रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका पर असर
पुतिन की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब—
- अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर टैरिफ/जुर्माना लगाया है
- भारत ने रूस से तेल आयात कुछ कम किया है
- भारत अमेरिका और रूस दोनों के साथ अपने संबंधों में सामरिक संतुलन साध रहा है
विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए रूस के साथ लगातार वार्ता में हैं।
पुतिन और मोदी की केमिस्ट्री
- पुतिन की पिछली भारत यात्रा 2021 में हुई थी
- रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी
- पुतिन अब तक अपने कार्यकाल में 9 बार भारत आ चुके हैं
- पीएम मोदी 7 बार रूस की यात्रा कर चुके हैं
यह यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नए स्तर पर ले जाने वाली मानी जा रही है।








