
बस्तामुक्त विद्यालय के प्रधान पाठक और शिक्षको द्वारा डेढ़ वर्ष की बच्ची लितांशी का मनाया जन्मदिन
गोपाल सिंह विद्रोही/ प्रदेश खबर /प्रमुख छत्तीसगढ़/क्षेत्र के प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय के प्रधान पाठक सीमांचल त्रिपाठी के नेतृत्व में संस्था के पदस्थ शिक्षको द्वारा विद्यालय के सामने रहने वाली डेढ़ वर्ष की बच्ची सुश्री लितांशी आत्मजा लालचंद सिंह जाति गोड़ का जन्मदिन कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए केक कटवा कर उसे नवीन वस्त्र, बिस्किट, मिठाई व टॉफी देकर मनाया गया। इस दौरान बच्ची की माता शांति सिंह, मौसी पूनम सिंह, संस्था मे पदस्थ श्रीमती एम. टोप्पो, तिलेश्वरी राजवाड़े, रिजवान अंसारी, विद्यावती सिंह, श्री त्रिपाठी की धर्मपत्नी संगीता त्रिपाठी, सहायिका सुमित्रा राजवाड़े व नान दईया उपस्थित रहे। ज्ञात हो कि विद्यालय के सामने रहने वाले अंत्योदय कार्डधारक आदिवासी परिवार की इस डेढ़ साल की बच्ची के ऊपर से चार चक्का अज्ञात वाहन आज से 10-12 दिन पहले गुजर जाने के कारण बच्ची घटनास्थल पर ही बेहोश हो गई थी। बस्तामुक्त विद्यालय के प्रधान पाठक प्रत्यक्षदर्शी थे जिन्होने विद्यालय के खिड़की से एक्सीडेंट होते हुए देखा और बिना समय गवाएं त्वरित फैसला लेते हुए माता सहित बच्ची को मोटर साइकिल से लेकर सर्वप्रथम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विश्रामपुर में इलाज करवाया। वहां से सूरजपुर बाल चिकित्सक के पास रेफर किए जाने के उपरांत सूरजपुर पहुंचकर डॉ. प्रियंक पटेल व डॉ. सीमा गुप्ता से बच्ची का समुचित इलाज करवाया और उच्च चिकित्सा परामर्श हेतु सीटी स्कैन खातिर मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के लिए रेफर किए जाने के कारण संजीवनी गाड़ी की सुविधा उपलब्ध कराकर घायल व उसके परिजनों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भिजवाने की व्यवस्था की, दिन भर वहां इलाज होने और बच्ची के होश में ना आने के कारण वहां के डॉक्टरों द्वारा उचित चिकित्सा परामर्श हेतु डॉक्टर भीमराव अंबेडकर मेडिकल कॉलेज रायपुर भेजा गया। अंबिकापुर से रायपुर के लिए जिला प्रशासन के सहयोग और शासन की महत्वपूर्ण योजना संजीवनी 108 के माध्यम से घायल व उसके परिजनों को उचित स्वास्थ्य लाभ हेतु रायपुर तक भिजवाने की नि:शुल्क व्यवस्था श्री त्रिपाठी द्वारा की गई और रायपुर मेडिकल कॉलेज में बच्ची द्वारा 3 दिनों तक आईसीयू में भर्ती रहकर इलाज कराया गया, ठीक होकर गांव पहुंचने पर विद्यालय के प्रधान पाठक द्वारा बच्ची के नवजीवन प्राप्त होने पर परिजनों को बधाई दी और जन्मदिन मनाने का फैसला लिया। इसी कड़ी में संस्था प्रमुख द्वारा बच्ची से केक कटवा कर उपहार दे उसके नव जीवन की मंगल कामना की गई व भविष्य में पढ़ाई पर होने वाले समस्त खर्चों को स्वयं वहन करने हेतु परिजनों को भरोसा दिलाया। श्री त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि गांव में समझ की कमी होने, घायल की मदद करने पर जांच के नाम पर पुलिस प्रशासन द्वारा अनावश्यक परेशान किए जाने का डर व फैली भ्रान्ति, घायल को समय पर समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध ना करा पाने व घायल को सही समय पर अस्पताल ना पहुंचाने के कारण घायल व्यक्ति का जीवन बचा पाना संभव नहीं हो पाता। यदि घायल व्यक्ति को समय पर उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जाए या यूं कहें कि उसे शासन की योजनाओं का सही व समुचित ज्ञान हो और वह उसका लाभ लेकर समय पर अस्पताल पहुंच इलाज कराए तो होने वाले रोड दुर्घटनाओं से पीड़ित व्यक्ति को त्वरित लाभ पहुंचाकर उसके प्राण रक्षा कर सकते हैं। रोड दुर्घटनाओं मे घायल व्यक्ति को सहयोग देने व प्राथमिक उपचार कराने मे मदद करने वालो का पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर उचित सम्मान किया जाता है।
[contact-form][contact-field label=”Name” type=”name” required=”true” /][contact-field label=”Email” type=”email” required=”true” /][contact-field label=”Website” type=”url” /][contact-field label=”Message” type=”textarea” /][/contact-form]









