“सरगुजा स्टेट” की राजधानी अम्बिकापुर के अँधेरी बगीचा के सामने स्थित तथा 1914 में स्थापित “एडवर्ड हाई स्कूल” इस अँधेरी बगीचा को रियासत खत्म होने पर उजाड़ कर आधे में “गुदड़ी बाज़ार”, आधे में “गर्ल्स हायर सेकेण्डरी स्कूल” और ‘महिला मण्डल” बना दिया गया.



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इस फ़ोटो में पीछे की बिल्डिंग “सरगुजा स्टेट” की राजधानी अम्बिकापुर के अँधेरी बगीचा के सामने स्थित तथा 1914 में स्थापित “एडवर्ड हाई स्कूल” बिल्डिंग की है जहाँ पोर्च में फोटोग्राफी हुई थी.

अखरोट, बादाम, तमरस आदि के पेड़ों से आच्छादित इस अँधेरी बगीचा को रियासत खत्म होने पर उजाड़ कर आधे में “गुदड़ी बाज़ार”, आधे में “गर्ल्स हायर सेकेण्डरी स्कूल” और ‘महिला मण्डल” बना दिया गया.
नेपाल की काशीपुर विवाहित ‘कांछी मइया’ की पुत्री “गँगा महारानी” का विवाह 1909 में सरगुजा के हिज़हाईनेस महाराजा रामानुज शरण सिंहदेव CBE. (1895 – 1965) से हुआ था. इन्हीं दोनों से महाराजा अम्बिकेश्वर शरण सिंहदेव (14.12.1910 – 18.12.1966) एवँ महाराज कुमार चंडीकेश्वर शरण सिंहदेव (02.01.1914 – 12.06.1981) दो पुत्र तथा 02.12. 1917 में एक पुत्री बड़ी प्रिन्सेस मानकेश्वरी का जन्म हुआ, इन्हीं राजमाता सायला (गुजरात) के विवाह के अवसर की यह तस्वीर है.

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इस विवाह में भारत भर के राजा, महाराजा, शरीक हुए थे और यह अपने समय की बहुचर्चित भव्यतम विवाह थी. इनकी पुत्री राजमाता हितेन्द्र कुमारी बस्तर स्टेट थीं. पिक्चर के पीछे की भव्य आलीशान बिल्डिंग 1967 में अदूरदर्शी अधिकारियों द्वारा ढहा दिया गया, और यह जगह अब नगर निगम द्वारा संचालित हाई स्कूल का प्रांगण रह गया है. इस विवाह में भारत के कई राजा, महाराजा, जमींदार, ब्रिटिशर्स, देश के कई गणमान्य नागरिक, नेता, उद्योगपति उपस्थित हुए थे, यह अपने समय की भव्यतम बहुचर्चित शादी थी, जिसमें सभी अतिथि हिजहाईनेस महाराजा रामानुज शरण सिंहदेव के आत्मीय सत्कार से गदगद हो कर गए थे. सरगुजा में सन् 1914 से हीं आस्लर, गंगोली और किर्लोस्कर कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से पॉवर हॉउस स्थापित किया था, इनके कलकत्ता से आये इंजीनियरों की टीम ने रघुनाथ पैलेस परिसर, बाघ फुलवारी, हाता फुलवारी, अँधेरी बगीचा सहित पूरे अम्बिकापुर को तब जुगनू झालरों से इन्द्रपुरी में बदल दिया था, आयातित फव्वारों से सुसज्जित बॉटनिकल गार्डन बाघ फुलवाड़ी के फव्वारों की फुहार बिजली के संयोजन से रात में भी नयनाभिराम इन्द्रधनुषी छटा में बदल गयी थी. नगर में तम्बुओं से कई सफारी रेस्ट हाऊस बनाये गए थे, हवाई अड़ा (अब गाँधी स्टेडियम) में चार्टर्ड प्लेन भरे पड़े थे. वहीं अतिरिक्त पॉवर जेनरेटर भी लगे थे. “रघुनाथ पैलेस” और “अँधेरी बगीचा” की रंग बिरँगी इंद्रधनुषीय छटा लाज़वाब थी. अतिथि सरगुजा की आबोहवा, बाघ फुलवारी, लुचकी फुलवाड़ी, जेल फुलवाड़ी के तथा हवा में तैरती जँगली फूलों की कुदरती खुशबुओं से आल्हादित अतिथि निर्धारित तिथि से अधिक दिनों तक रुक गए थे,
इसी प्रकार की भव्यतम विवाह महाराज अम्बिकेश्वर शरण सिंहदेव की ज्येष्ठ पुत्री चन्द्र किरण राजमाता पारलाखेमड़ी उड़ीसा तथा स्टेट मर्जर पश्चात भोपाल सेराजा आदित्येश्वर शरण सिंहदेव की भी हुई थी.