ग्रामीण औद्योगिक पार्क के उत्पादों को अच्छा बाजार दिलाने गुणवत्ता, कीमत और मार्केटिंग पर दिया जाए ध्यान – कलेक्टर

ग्रामीण औद्योगिक पार्क के उत्पादों को अच्छा बाजार दिलाने गुणवत्ता, कीमत और मार्केटिंग पर दिया जाए ध्यान – कलेक्टर

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

रीपा के सफल संचालन के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

कलेक्टर ने स्थानीय बाजार मांग के अनुसार उत्पाद पर दिया जोर

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

बेमेतरा – कलेक्टर पदुम सिंह एल्मा की अध्यक्षता में आज सोमवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) के सफल संचालन के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ श्रीमती लीना मण्डावी सहित सभी जनपद पंचायत सीईओ, जिला रीपा नोडल अधिकारी, रीपा में कार्यरत टीएसए एवं हितग्राही उपस्थित थे। कार्यशाला के दौरान संबंधित रीपा में चल रहें गतिविधि के साथ-साथ भविष्य में किए जाने वाले कार्यों, योजनाओं, मार्केट लिंकेज एवं अधिक से अधिक आय प्राप्त करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में कलेक्टर ने ग्रामीण औद्योगिक पार्क में संचालित आर्थिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा बदलने वाली हैं। उन्होंने ग्रामीण औद्योगिक पार्क में तैयार उत्पाद की बिक्री के लिए प्रतियोगी भावना के साथ कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन उत्पादों को वहां तैयार किया जाएगा, उनके कच्चे मूल्य की कुल लागत के साथ ही उसकी खपत पर भी पूरा विचार करते हुए कार्य किया जाए। उन्होंने तैयार उत्पादों की खपत के लिए खुले बाजार में मांग को बढ़ाने पर भी जोर दिया, जिससे वहां कार्य करने वालों को अधिक से अधिक मुनाफा हो सके। उन्होने जिले के सभी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में स्थान चिन्हांकित कर वृक्षारोपण करने को कहा। जिलाधीश ने उत्पाद एजेंसी को कहा कि रीपा में लगने वाले समस्त उपकरण उच्च क्वालिटी के हैं, इसलिए इनसे निर्माण होेने वाले उत्पाद भी उच्च क्वालिटी और मार्केट प्रोडक्ट के समकक्ष होना चाहिए। रीपा अन्तर्गत समस्त कार्य हमें बिजनेस प्लान के साथ करना चाहिए, ताकि स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार मिले और लोगों को उच्च श्रेणी की सामग्री उपलब्ध हो। कलेक्टर ने ग्रामीण औद्योगिक पार्क में ऐसे उत्पादों को तैयार करने पर जोर दिया जिनकी जो स्थानीय बाजार में माँग हैं। उन्होंने इसके साथ ही कच्चे माल के मुख्य अवयव के साथ ही अन्य अवयवों के प्रसंस्करण पर भी जोर दिया। रीपा के संबंध में बिंदुवार समीक्षा करते हुए ग्रामीण स्तर पर बेरोजगार महिला, स्व-सहायता समूह एवं युवक-युवतियों को रोजगार प्रदान करते हुए आर्थिक स्थिति सुधार लाने के संबंध में जानकारी दी गई। ज्ञात हो कि जिले में ग्रामीण स्तर पर उत्पादन होने वाले सामग्री के आधार पर चयनित रीपा ग्राम में आजीविका मूलक गतिविधियां संचालित किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि गांव की जरूरत के अनुसार उत्पाद तैयार करने तथा जिन चीजों की खपत स्थानीय स्तर पर हो सकती हैं, उनका उत्पादन प्राथमिकता के आधार पर करें। कार्यशाला में उपस्थित हितग्राहियों ने बताया कि स्व-सहायता समूह प्राकृतिक पेंट, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, सामुदायिक बाड़ी, मशरूम उत्पाद, पुट्टी, डिस्टेम्पर, ऑइल बेस पेंट, पोहा, मुर्गी पालन, मछली पालन, बकरी पालन के साथ-साथ गोबर से दीया, गमला, अगरबत्ती बना रहे हैं।
कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण औद्योगिक पार्क के तहत गौठानों में स्व-सहायता समूहों के साथ बेरोजगार युवा, इच्छुक पुरूष-महिला के उद्यमी विभिन्न गतिविधियां संचालित करने के लिए पात्र हैं। ग्रामीण औद्योगिक पार्क में उत्पादित वस्तुओं का विक्रय बिजनेस प्लान के साथ स्थानीय हाट बाजार, सी-मार्ट और शासकीय कार्यालयों मे विक्रय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण औद्योगिक पार्क में तैयार होने वाले उत्पादों को अच्छा बाजार दिलाने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता, उचित कीमत और मार्केटिंग पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता हैं, ताकि उत्पादों की बिक्री बढ़े और इसका अधिक से अधिक फायदा स्व-सहायता समूहों को मिले। उन्होंने कहा कि गौठानों में विभिन्न आयमूलक गतिविधियों में संलग्न लोगों को कार्य के प्रारम्भ में आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण भी दी जाए।