Advertisement

कोरोनाकाल में हमारे सैकड़ों संविदा कर्मचारियों ने सेवा करते जान गवाई, इनके परिवार आज भी न्याय के इंतजार में, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे – आनंद

कोरोनाकाल में हमारे सैकड़ों संविदा कर्मचारियों ने सेवा करते जान गवाई, इनके परिवार आज भी न्याय के इंतजार में, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे – आनंद

थम रही थी सांसें और रोजगार का था संकट तब इन्हीं संविदाकर्मी ने थामे रखा प्रदेश की नब्ज

बेमेतरा – कोराेना काल में जब कोई भी सामने नहीं आ रहा था उस संकट के दौर में भी हमारे संविदा कर्मचारियों ने प्रदेश की नब्ज थामी थी। एक ओर स्वास्थ्य विभाग में संविदा में कार्यरत तमाम संविदा कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर अपना कर्म किया वहीं पंचायत विभाग में कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों ने गांव में रोजगार देने के लिए लगे थे। कांटेक्ट ट्रेसिंग में अन्य सभी संविदा कर्मचारी की ड्यूटी भी लगी। इस दौरान सैकड़ों साथियों ने जान गवाई। छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष पूरन आनंद ने बताया कि इन संविदा कर्मचारियों के समर्पण, त्याग और बलिदान का भी सम्मान नहीं मिला। राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना काल में बेहतर काम के लिए सरकार ने जरूर वाह वाही बटोर ली, महासंघ के सहसंयोजक दिनेश गंगबेर ने बताया कि कोरोना काल में सेवा देते हुए शहीद कर्मचारियों के परिवार को आज भी न्याय की दरकार हैैं। किसी भी प्रकार का सम्मानजनक न अनुदान दिया गया और न ही परिवार को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई हैं। हम उन साथियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे। महासंघ के जिला प्रवक्ता किरण वर्मा, लक्ष्मी वर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में वैश्विक महामारी में हम लोग अपने जान जोखिम डाल कर निस्वार्थ भाव से प्राणों का परवाह किये बिना फ्रंट लाइन वर्कर के रूप कार्य किये। पंचायत विभाग के कर्मचारियों द्वारा ग्रामीण मजदूरों को गांव में काम देने के लिए हमारे 100 से अधिक रोजगार सहायक साथी बलिदान हुए, उनका परिवार आज भी न्याय की आश लगाए हुए हैं।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

संविदा कर्मचारियों द्वारा तहसील कार्यालय जय स्तंभ चौक के पास मानव सृखला बना कर संविदा कर्मचारियों ने अपने नियमितीकरण हेतु प्रतिबद्ध होकर एकता का परिचय दिया। सभी संविदा कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर जन घोषणा पत्र को जला कर आक्रोश व्यक्त किया गया।छत्तीसगढ़ एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के प्रांत अध्यक्ष संजय तिवारी ने बताया कि प्रदेश स्तर पर संविदा नियमितीकरण के लिए लगातार आंदोलनरत हैं, जिला स्तर में शासन के सभी विभागों में काम बंद हैं, निश्चित रूप से यह शासन के अड़ियल रवैया कहा जा सकता हैं। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक डॉ श्रद्धा शर्मा, डॉक्टर सोनू ठाकुर एवं नर्सिंग पैरामेडिकल स्टाफ महिला संविदा कर्मचारियों द्वारा समस्त कर्मचारियों द्वारा करोना काल में अपने किए गए लोगों की सेवा को याद करते हुए धरना स्थल में भावुक हो गए। आज हड़ताल के दौरान सभी हॉस्पिटल एवं संस्थागत प्रसव बंद, चिकिस्ता इमरजेंसी वार्ड बंद हैं, इसका पूरा जिम्मेदारी शासन की हैं। यदि समय रहते संविदा कर्मचारियों का जन घोषणा की माँग को समय रहते पूरा कर दिया जाता तो आज आम जनता को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, संविदा चिकित्सक स्टाफ द्वारा धरना स्थल पर आम जनता को अपने पीड़ा बताते हुए वर्तमान में पूरे असुविधा के लिए आम जनता को खेद व्यक्त किया।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47