
जिले के थोक उर्वरक विक्रेताओं की बैठक,निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक नहीं बेचने के निर्देश!
जिले के थोक उर्वरक विक्रेताओं की बैठक,निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक नहीं बेचने के निर्देश!
जगदलपुर /कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देशानुसार, जिले में निजी उर्वरक दुकानों द्वारा उर्वरक के साथ कृषकों की मांग के विरूद्ध अनावश्यक रूप से अन्य सामग्री लदान के रूप में प्रदान किए जाने की सूचना मिलने पर उप संचालक कृषि जगदलपुर ने पिछले दिनों जिले के थोक उर्वरक विक्रेताओं की बैठक बुलाई गई। जिसमें विक्रेताओं को बताया गया है कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के नियम प्रावधान के अनुसार ही उर्वरक का विक्रय किया जाए। कृषि को निर्धारित उर्वरक विक्रय दर से अधिक कीमत नहीं दी जाएगी।
साथ ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक प्राप्त करने के लिए निर्देश दिए गए कि उनकी मांगों के अनुसार ही कृषि आदान सामग्री दी जाएं, अन्यथा शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार के नकली या एक्सपाईरी डेट से पुराने उर्वरक का विक्रय न करें। थोक विक्रेता द्वारा स्त्रोत प्रमाण पत्र को फार्म-ओ में नवीनतम प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक सुधार कर खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को अपने उर्वरक लाईसेंस में स्त्रोत जुड़वाने के लिए उपलब्ध करावें; इसके अलावा, थोक विक्रेता द्वारा खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को तत्परता से डिस्पेच आईडी प्रदान कर नियमित रूप से उर्वरक की समीक्षा करें। खुदरा विक्रेता द्वारा प्राप्त उर्वरक को पास मशीन में इंद्राज करने के बाद ही उसे कृषकों को विक्रेता के रूप में प्रदान करें। साथ ही, रेक पाईट विक्रय स्थल से परिवहन व्यवस्था की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए गए कि किसी भी परिस्थिति में कृषकों को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक नहीं बेचना चाहिए।










