धान खरीदी के लिए केंद्र सरकार देती है 80 फीसद राशि – भाजपा

धान खरीदी के लिए केंद्र सरकार देती है 80 फीसद राशि – भाजपा

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बेमेतरा – भारतीय जनता पार्टी कार्यालय बेमेतरा में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा इस वर्ष धान खरीदी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी के विषय को लेकर प्रेस वार्ता की गई। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष भाजपा बेमेतरा ओम प्रकाश जोशी, पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिण सदस्य राजेन्द्र शर्मा, मंडल अध्यक्ष शहर बेमेतरा मोंटी साहू, जिला मीडिया प्रभारी निशा चौबे उपस्थित रहें। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश से 86.5 लाख मीट्रिक टन चावल अर्थात 1.30 करोड़ मीट्रिक टन धान की बंपर खरीदी करने का निर्णय लेकर छत्तीसगढ़ के किसानों को सौगात दी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के किसानों की पूरी उपज की खरीदी की व्यवस्था कर दी हैं। भाजपा इसकी जानकारी छत्तीसगढ़ के प्रत्येक किसानों तक पहुंचाएगी और प्रयास करेगी कि प्रदेश का हर किसान प्रधानमंत्री को पोस्ट कार्ड लिखकर धन्यवाद ज्ञापित करेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बार-बार यह झूठ बोलते हैं कि किसानों का पूरा धान प्रदेश सरकार खरीदती हैं, जबकि सच्चाई यह हैं कि केंद्र सरकार ने अब तक धान खरीदी के लिए प्रदेश सरकार को 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया हैैं, जिसकी बदौलत प्रदेश के किसानों का धान खरीदी जा सका। भाजपा नेताओं ने प्रेस वार्ता को प्रारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार यह बताए कि उसने प्रदेश के किसानों को कितना पैसा स्वयं की मद से दिया है? प्रदेश के मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर केवल झूठे आरोप लगाने का काम करते हैं। यदि केंद्र सरकार चावल नहीं खरीदती हैं तो क्या प्रदेश सरकार में इतना दम हैं कि वह किसानों की उपज का पूरा धान खरीद सकें? हकीकत तो यह हैं कि प्रदेश की कुल उपज का 82 फीसदी धान चावल के रूप में केंद्र सरकार ही खरीदती हैं। प्रधानमंत्री ने स्वयं यह बात रायपुर की जनसभा में कही थी। प्रदेश के सांसदों ने पिछले लोकसभा सत्र में कांग्रेस के व्यवहार पर भी अपनी बातें रखीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार समर्थन मूल्य के मुद्दे पर झूठ बोल कर किसानों को गुमराह कर रही हैं। कांग्रेस ने प्रति क्विंटल धान की कीमत 2500 रुपये देने का वादा तब किया था, जब समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति क्विंटल था। तब कांग्रेस की सरकार को किसानों को प्रति क्विंटल धान की खरीदी पर 750 रुपये का बोनस देना था, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने चालबाजी करते हुए उन्हें अंतर की यह राशि नहीं दी। अब धान का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2184 रुपये हैं, इसमें 750 रुपये जोड़कर इस सरकार को प्रति क्विंटल धान की खरीदी पर किसानों को लगभग लगभग 3000 रुपये देना चाहिए। यह भी स्पष्ट हैं कि इस दौरान हर साल केंद्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य बढ़ाया, लेकिन कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दी गई राहत का लाभ नहीं दिया। यह किसानों के साथ सरासर धोखेबाजी हैं। भूपेश बघेल सरकार ने किसानों के हक का पैसा हड़पी हैं। केंद्र सरकार किसानों के 20 क्विंटल धान खरीदने पर सहमत हो गई हैं और इसमें प्रदेश की भूपेश सरकार की कोई भूमिका ही नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीएपी और यूरिया के दाम में बेतहाशा वृद्धि हुई हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में खाद पर किसानों को 38 हजार करोड़ रुपये जो सब्सिडी दी जाती थी, प्रधानमंत्री ने उसे बढ़ाकर 1.08 लाख करोड़ रुपये कर दिया। इसके कारण छत्तीसगढ़ के किसान जो प्रति एकड़ खाद औसतन इस्तेमाल करते हैं, उसमें 8 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ किसानों को मिल रहा हैं। उक्त पत्रकारवार्ता में प्रहलाद रजक, विजय सिन्हा, विजय शुखवानी, विकास घरडे, ललिता साहू, राजेश दीवान, हर्ष तिवारी, दीपेश साहू, धर्मेन्द्र साहू उपस्थित थे।