
साजा अंचल में हुई आफत की बारिश में बाढ़ ग्रस्त व प्रभावित लोगों को नहीं मिला प्रशासन की मदद
जनपद पंचायत अध्यक्ष दिनेश वर्मा व सरपंचों ने संभाला मोर्चा, सुरक्षित स्थानों, भोजन, पानी की सभी व्यवस्थाएं की
साजा – अंचल में हुई लगातार भारी बारिश की तबाही व आफत के बाद भी शासन प्रशासन द्वारा क्षेत्र के ग्रामों के बाढ़ पीड़ितों व प्रभावित लोगों के मदद के लिए कुछ नहीं किया गया। जिससे प्रभावित लोगों व बाढ़ पीड़ितों में शासन के अधिकारियों के खिलाफ जमकर आक्रोश व्याप्त हैं, वहीं जन प्रतिनिधि में भी खासी नाराजगी हैं। जबकि गांवों की स्थिति को देखते हुये जनपद पंचायत अध्यक्ष दिनेश वर्मा व सरपंचों ने मोर्चा संभाला, बाढ़ पीड़ितों व प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित स्थानों, भोजन, पानी आदि सभी व्यवस्थाएं की गई। ब्लॉक के सबसे ज्यादा प्रभावित ग्राम बगलेडी में रेस्क्यू ऑपरेशन चला, जिसमें सुबह से जनपद अध्यक्ष दिनेश वर्मा ने स्वयं अभियान में शामिल होकर लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, दो दर्जन से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित स्थान में ले जाया गया। ग्राम पंचायत महीदही में सरपंच ने प्रभावित ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था कर भिजवाया गया। 24 घंटे की भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई थी, कई गांव में अभी खेत खलिहान डूबे हुए हैं। ग्राम बगलेडी सरपंच कुलदीप पटेल ने पूरे बाढ़ के दौरान ग्रामीणों की सहायता में लग रहें, पीने के पानी की व्यवस्था के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में भी हिस्सा लिया। सरपंच कुलदीप पटेल में प्रशासनिक अधिकारियों के अनदेखी को देखकर जमकर आक्रोश दिखाई दिया, वहीं ग्रामीणों ने भी प्रशासन की ओर से हुई देरी व अव्यवस्था के लिए नाराजगी जाहिर की। बाढ़ ग्रस्त लोगों, प्रभावितों व पीड़ितों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था ग्राम पंचायत महीदही के सरपंच ने की। विडंबना इस बात की रहीं कि प्रशासनिक अमला सहायता करने की बजाय मूकदर्शक बनकर देखने पहुंचा। प्रदेश के दिग्गज व वरिष्ठ मंत्री के स्वयं के क्षेत्र में अफसर की कार्यशैली नकारात्मक रहीं। वहीं जनपद पंचायत अध्यक्ष के साथ जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा संभाल कर स्थिति को संभाला व लोगों के लिए खाने-पीने, सुरक्षित स्थान आदि की व्यवस्था की। अंचल में हुई लगातार भारी बारिश की तबाही के बाद शनिवार से आसमान खुला हैं, दो दिनों से मौसम खुशनुमा बना हैं, जिसके चलते लोगों ने राहत की सांस ले रहें हैं। वहीं बारिश नहीं होने से गांवों में घुसा व नदी नालों में चढ़ा बाढ़ का पानी कम होने लगा। लोगों द्वारा धीरे धीरे अपना दिनचर्या व बाढ़ की त्रासदी को संजोने का कार्य किया जा रहा हैं। वहीं ग्रामीणों द्वारा प्रशासन व अधिकारियों को कोसते हुए तरह तरह की बातें कहीं जा रही हैं, लोगों द्वारा अधिकारियों को इस आपदा के समय में सिर्फ फोटोबाज होने की बात कहीं जा रही हैं। सच्चाई भी हैं कि अधिकारियों द्वारा अपने उच्च अधिकारियों को अपनी ईमानदारी दिखाने के लिए सिर्फ फोटो सेशन कर वस्तु स्थिति का जमीनी हकीकत से गलत जानकारी दिया गया।












