छत्तीसगढ़राज्यरायपुर

सेमरसोत अभ्यारण्य क्षेत्र के ग्रामीणों को मिला आय का अच्छा स्रोत दूरस्थ वनांचल स्थित चिलमा में नर्सरी विकसित: विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा तथा अभ्यारण्य क्षेत्र के 51 गांव के ग्रामीण लाभान्वित होंगे मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना से

 

रायपुर, 11 जून 2021मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का सफल क्रियान्वयन सहित पौधवितरण के लिए प्रदेश के दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम चिलमा में विकसित नर्सरी से आदिवासी-वनवासी सहित सेमर सोत अभ्यारण्य क्षेत्र के ग्रामीणों को आय का अच्छा स्रोत मिल गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में तैयार इस नर्सरी से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा सहित सेमरसोत अभ्यारण्य क्षेत्र के 51 गांव के लोग लाभान्वित होंगे।

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

राज्य शासन द्वारा इस वर्ष मुख्यमंत्री वृक्षरोपण प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। यहां ग्राम चिलमा में विकसित नर्सरी से अभ्यारण्य क्षेत्र के रहवासियों को भी आसानी से पौधे उपलब्ध होंगे। अभ्यारण्य क्षेत्र में लघु वनोपजों के संग्रहण पर रोक के कारण वहां निवासरत परिवारों को हरियाली प्रसार सहित पौध वितरण योजना का लाभ उठाने में काफी दिक्कत होती थी। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के लागू होने से अब अभ्यारण्य क्षेत्र के लोगों को भी इनका भरपूर लाभ मिलेगा। इसे ध्यान में रखते हुए योजना के सफल क्रियान्वयन और पौधवितरण में सुविधा के लिए वनांचल स्थित दूरस्थ ग्राम चिलमा में नर्सरी विकसित की गई है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर श्री लक्ष्मण सिंह ने बताया कि सेमरसोत अभ्यारण्य के 51 गांव के लोगों के जीवन में खुशहाली को लेकर वन विभाग द्वारा यह अनूठी पहल की गई है। चिलमा में विकसित नर्सरी में वर्तमान में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 2 लाख पौधे वितरण हेतु तैयार हैं। इनमें 50-50 हजार फलदार, औषधीय, इमारती तथा लघु वनोपज प्रजाति के पौधे शामिल हैं। इसके अलावा चिलमा के नर्सरी में 2 लाख बांस के पौधे के राइजोम बैंक भी स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम चिलमा में विगत अक्टूबर माह से विकसित किए जा रहे नर्सरी में आस-पास के गांवों के लगभग 100 पहाड़ी कोरवा लोगों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध हो रहा है।

Pradesh Khabar

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!