नई दिल्ली : भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जयसवाल ने कहा कि किसान आंदोलन देश और दुनिया को नई राह दिखा रहा है। हमारे आदोलन ने दुनिया को तो जगा दिया है, लेकिन केंद्र की सरकार ऐसी नींद में सोई हुई है, जिसे किसान और मजदूर का दुख दर्द नजर नहीं आ रहा है। इस सरकार के कृषि विरोधी काले कानूनों ने देश की अर्थव्यवस्था की नीव को हिला दिया है। बड़ा दुख होता है जब सरकार कहती है, कृषि मंत्री कहते हैं कि इन कानूनों में काला क्या है। हम कहते हैं दाल में काला है, लेकिन वहां पर तो पूरी दाल ही काली है। राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जयसवाल ने देश में कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ किसानों के समर्थन में आयोजित किसान सम्मेलन में कहा कि जब यह कृषि अनादेश आए थे उसी वक्त कांग्रेस पार्टी ने इनका विरोध किया था, लेकिन सरकार ने कांग्रेस पार्टी की एक नहीं सुनी और यह कानून बना दिए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जयसवाल ने कहा कि प्रचंड बहुमत का इस सरकार ने नाजायज फायदा उठाया है। यह सरकार अहंकार में डूबी हुई है। यह सरकार केवल दो व्यक्तियों की सरकार बनकर रह गई है। सरकार केवल इनके फायदे, मुनाफे के बारे में सोचती है। देशवासियों के दुख दर्द से इस सरकार का कोई सरोकार नहीं है। कोरोना के समय में भी इस सरकार ने सिर्फ बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया। जायसवाल ने कहा कि कृषि विरोधी काले कानूनों से यह सरकार मंडिया खत्म करना चाहती है। सरकार कहती है कि हम मंडियां बंद नहीं करेंगे, मंडिया तो अपने आप ही बंद।हो जाएंगी। सरकारी मंडियों में टैक्स
लगेगा और बाहर टैक्स नहीं लगेगा। यह इस सरकार की मंडियों को खत्म करने की सुनियोजित साजिश है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा। बड़ा-बड़े पूंजीपति आएंगे तो किसान, मजदूर, छोटा नापारी और आढती खत्म हो जाएगा। किसान और मजदूर की अनदेखी होगी तो ग्रामीण क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार
हरियाणा के किसानों को भी मजदूर बनाना चाहती है। किसान बड़े पूंजीपतियों से लड़ाई नहीं लड़ सकता है। इस सरकार के काले कानूनों से जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए पूंजीपतियों ने बड़े-बड़े गोदाम पहले से ही बना लिए हैं। सरकार खरीद नहीं करेगी। गरीबों के राशन के लिए जो खाद्य सुरक्षा का कानून बनाया गवा वा, वह सब खत्म हो जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जयसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के लोगों की आज हिम्मत नहीं है कि वह जनता के बीच जा सकें। क्योंकि जनता सवाल पूछती है। लोकतंत्र में सवाल पूछने का सभी को अधिकार है। सरकार में शामिल लोग जनता की आवाज नहीं सुनना चाहते हैं। मुख्य विपक्षी दल होने के नाते लोगों की आवाज उठाना कांग्रेस पार्टी का कर्तव्य है। कांग्रेस पार्टी
भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक)के नेतृत्व में इस सरकार के काले कारनामों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही है। इन काले कृषि कानूनों के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय मजदूर इंटक ने पूरे देश में ट्रैक्टर यात्रा निकाली थी। कांग्रेस पार्टी ने इन कानूनों के खिलाफ ज्ञापन सौंपे।
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दीपक श्रीवास प्रबंध संपादक छत्तीसगढ़









