​​​​​​​डेयरी उद्यमिता विकास योजना: अनुसूचित जाति-जनजाति के 527 हितग्राहियों को मिला 15.17 करोड़ रूपए का अनुदान

रायपुर, राज्य सरकार द्वारा डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना शुरू की गयी है। योजना के तहत वर्ष 2020-21 में अनुसूचित वर्ग के 527 हितग्राहियों द्वारा डेयरी इकाई स्थापना की गयी है। इसके लिए उन्हें 15 करोड़ 17 लाख रूपये का अनुदान दिया गया है। इनमें 310 अनुसूचित जनजाति और 36 अनुसूचित जाति के हितग्राही शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में इस योजना के तहत 950 हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है, जिनमें से 200 हितग्राही अनुसूचित जनजाति वर्ग के तथा 168 हितग्राही अनुसूचित जाति वर्ग के रहेंगे।

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पशु चिकित्सा सेवायें विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत 2 पशुओं की इकाई लागत 1 लाख 40 हजार रूपये पर सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 66.6 प्रतिशत की दर से अनुदान देने का प्रावधान है। हितग्राही डेयरी इकाई की स्थापना बैंक ऋण के माध्यम से (बैंक लिकेज) या स्वयं की पूंजी (स्ववित्तीय) से कर सकता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए हितग्राही छत्तीसगढ़ में कम से कम 5 वर्ष से निवास कर रहा हो। भूमिहीन, लघु एवं सीमांत कृषक, गरीबी रेखा के नीचे के परिवार, दुग्ध सहकारी समिति के सदस्यों, दुग्ध संकलन मार्ग पर स्थित ग्रामांे, गौठान योजना के अंतर्गत चिन्हित ग्रामों के पशुपालकांे, महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों एवं पूर्व से दुग्ध उत्पादन में संलग्न परिवार को प्राथमिकता दी जाती है। योजना से लाभ लेने के लिए इच्छुक हितग्राही अपने नजदीक के पशु चिकित्सा संस्था-पशु औषधालय, कृत्रिम गर्भधान उपकेंद्र, मुख्य ग्राम इकाई, पशु चिकित्सालय, कृत्रिम गर्भधान केंद्र, मुख्य ग्राम खण्ड में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए पशु चिकित्सा कार्यालय अथवा संस्था में सम्पर्क किया जा सकता है ।