छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंबेमेतराब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्य

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने ध्वनि प्रदूषण कम करने बैठक ली

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने ध्वनि प्रदूषण कम करने बैठक ली

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध होगी कार्यवाही

ध्वनि प्रदूषण के रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की ली जानकारी

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

बेमेतरा – कलेक्टर रणबीर शर्मा और पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने आज यहां कलेक्ट्रेट के दिशा सभा में ध्वनि प्रदूषण पर रोकथाम व जरूरी उपाय सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों, व्यापारी वर्ग पदाधिकारियों, डीजे/धूमाल और मैरिज पैलेस संचालकों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस पर सुझाव मांगे। इस दौरान उन्होंने ज़िला और पुलिस प्रशासन से अपने क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण के रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी ली तथा तेज ध्वनि में डीजे बजाने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिले में कोलाहल के रोकथाम हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने कहा कि हाल ही में बच्चों की परीक्षा नज़दीक हैं। अत्यधिक तेज ध्वनि ये शोरगुल से उनकी पढ़ाई में खलल उत्पन्न होगा। बच्चे हम आप में से है। नियम हम सब के लिए एक ही हैैं। इसलिए हम सब की जवाबदेही है कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के ज़रूरी उपायों के बारे में माननीय हाईकोर्ट की आदेश का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले के स्कूल, अस्पताल आदि आवश्यक स्थानों में शांत क्षेत्रों के चिन्हांकन एवं कार्यवाही के संबंध में चिन्हांकित शांत क्षेत्रों में शिकायत हेतु समन्वय अधिकारी की नियुक्ति आदि के संबंध में जानकारी ली।
इस दौरान कलेक्टर ने जिला एवं पुलिस प्रशासन तथा नगरीय निकाय स्तर पर टीम गठन कर की गई कार्रवाई तथा इसके लिए चलाई जा रही जन जागरूकता अभियान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिले के सभी थाना क्षेत्रों में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं थाना प्रभारी की समिति गठित कर निरंतर कार्रवाई की जाये। उन्होंने ध्वनि मापक यंत्र की उपलब्धता की जानकारी एवं ध्वनि मापक यंत्र के उपयोग एवं उनके परिणाम के स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने जिले के व्यापारी वर्ग पदाधिकारियों, डीजे/धूमाल और मैरिज पैलेस संचालकों से इस पर सुझाव मांगे।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने जिले में ध्वनि प्रदूषण के रोकथाम के लिए सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में थानावार डीजे मालिक का विवरण एवं डीजे की जानकारी तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन की जानकारी भी ऑनलाईन किया जा रहा हैं। उन्होंने ने कहा कि पुलिस एवं ज़िला प्रशासन के अधिकारी समन्वय/आपसी ताल मेल से काम कर ल इसकी नियमित रूप से जांच की करें और तेज आवाज में डीजे का संचालन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जी जाये। बैठक में अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, मुख्य ज़िला स्वास्थ्य अधिकारी जीआर टंडन, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम, यातायात निरीक्षक मुकेश राजपूत, ज़िला परिवहन अधिकारी अरविंद भगत सहित ज़िला और पुलिस प्रशासन नके अधिकारी उपस्थित थे।
जिले में कोलाहल अधिनियम-1985 की धारा 18 तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोलाहल प्रतिबंधित क्षेत्र ’जोन्स ऑफ साइलेंस’ घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशानुसार रात 10 से सुबह 6 बजे तक साईलेंस जोन घोषित किया गया है। इसके तहत बेमेतरा जिले के सभी शासकीय, अशासकीय अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, जिला एवं सत्र न्यायालय तथा अन्य न्यायालय, सभी शासकीय एवं अर्द्ध शासकीय कार्यालय (भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन), सभी धार्मिक स्थल (किसी भी धार्मिक स्थान या परिसर में लाऊड स्पीकर का उपयोग, जहां यह परंपरा के रूप में बना हुआ है, को छोड़कर) भौगोलिक सीमा के अंतर्गत 100 मीटर की परिधी शामिल हैैं।
बैठक में उन्होंने कहा अधिकारियों ने शिक्षण संस्थाओं की शैक्षणिक गतिविधियां, वृद्धजनों, निःशक्तजनों, बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य तथा लोक शांति को ध्यान में रखते हुए सक्षम अधिकारी को उक्त आदेश का कड़ाई से पालन कराते हुए ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के अंतर्गत कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।
बैठक में प्रेशर हार्न, तेज ध्वनि वाले वाहनों में लगे सायलेंसर, तेज ध्वनि में बनजे वाले डीजे, धार्मिक संस्थानों में लगे लाउड स्पीकर आदि के निर्धारित मात्रा से अधिक आवाज न हो इस बारे में चर्चा की गयी। इसके लिए वाहनों को मोडीफाय करने वाले गैरेज की जानकारी देने कहा गया। बैठक में मैरिज पैलेस, डीजे संचालकों को भी इस नियम की जानकारी देने की बात कहीं गयी।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!