
कोयलांचल में बढ़ती दुर्घटनाओं से आम लोग चिंतित हर रोज हो रही है मौतें नवयुवक घायल होकर पहुंच रहे हैं चिकित्सालय
कोयलांचल में बढ़ती दुर्घटनाओं से आम लोग चिंतित हर रोज हो रही है मौतें नवयुवक घायल होकर पहुंच रहे हैं चिकित्सालय
गोपाल सिंह विद्रोही//प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़//बिश्रामपुर – कोईलांचल में सिलसिलेवार हो रही सड़क दुर्घटनाओ का रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। बीते शाम 5 बजे के करीब राष्ट्रीय राजमार्ग 43 रेड नदी के किनारे पुल पर मोटरसाइकिल एवं कार के चपेट में आ कर एक युवक बुरी तरह से जख्मी हो गया जिसे गंभीर अवस्था में अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में जीवन मृत्यु से संघर्ष कर रहा है। इसी तरह केना पारा मे अज्ञात वाहन ने बुजुर्ग को ठोकर मार दी जिससे वह उसे नाजुक स्थिति में रायपुर रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार सूरजपुर निवासी परीक्षित श्रीवास्तव आ अधिवक्ता नारायण श्रीवास्तव का 32 वर्षीय पुत्रअपाचे मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 15 डी एफ 9184 से सूरजपुर बिश्रामपुर से वापस जा रहा था रेड नदी के पास जैसे ही पहुंचा विपरीत दिशा से आ रही ए एक्स 3985 फोर्ड यूपी 16 के चालक जबरदस्त ठोकर मार दी जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया जिसे पुलिस ने परिजनों का सूचना देकर अंबिकापुर स्थित एक निजी चिकित्सालय में पहुंचाया जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।इसी प्रकार बीती रात केनापारा स्थित कालरात्रि मंदिर के मुख्य पुजारी तरुण सोनी पप्पू के पिता श्री को अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दी जिसे गंभीर अवस्था में रायपुर रेफर कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि विश्रामपुर थाना अंतर्गत दो दिनों में सड़क दुर्घटना की तीन मामले आए जिसमें दो की मौत घटना स्थल पर ही हो गई जबकि एक अंबिकापुर में रेफर किया गया है। जयनगर पुलिस थाना के अंतर्गत मंदिर के मुख्य पुजारी के पिता को रायपुर भेजा गया है। इस प्रकार रोज-रोज सड़क दुर्घटना में आम जनों की जान जाने का सिलसिला जारी है ।यहां बताना आवश्यक है कि सड़क दुर्घटनाएं युवकों का तेज रफ्तार, यातायात नियमों की धज्जियां उड़ना,हाथों में मोबाइल बेशर्मसी सी स्माइल स्पीडली बाइक ,कान में एयर फोन आदिकारणों से सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है ।सड़क दुर्घटनाओं को रोक लगाने हेतु पुलिस को भी सड़कों में तेजी से ऐसे युवकों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए तो वहीं पालकों को भी अपने नाबालिक बच्चों को बाइक देने से मना करना चाहिए, रोक लगनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि यातायात के नियमों का मालूम होने के बावजूद भी आज की युवा पीढ़ी यातायात के नियमों को धज्जियां उड़ाने में ही अपनी महानता एवम कर्तव्य समझते हैं।










