मत की गोपनीयता किसी भी स्थिति में भंग न हो

होम वोटिंग के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिए निर्देश

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लोकसभा आम निर्वाचन-2024

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उत्तर बस्तर कांकेर// लोकसभा निर्वाचन-2024 के तहत् कांकेर लोकसभा क्षेत्र क्रमांक-11 में आगामी 26 अप्रैल को मतदाताओं के द्वारा मतदान किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस बार 85 वर्ष से अधिक आयु वाले वृद्ध मतदाता और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं को डाक मतपत्र के माध्यम से घर जाकर (होम वोटिंग) की सुविधा दी जा रही है, जहां मतदान अधिकारियों के द्वारा बैलट पेपर के जरिए 14 से 16 अप्रैल के बीच वोट कराया जाएगा।
जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज दोपहर को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने होम वोटिंग सम्पन्न कराने वाले मतदान अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन एक अतिमहत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें पूरी सावधानी, सतर्कता और निष्पक्षता के साथ दायित्वों का निर्वहन करना होता है। उन्होंने आगे कहा कि होम वोटिंग के दौरान यह विशेष तौर पर मतदान अधिकारियों को ध्यान रखना होगा कि मत की गोपनीयता किसी भी स्थिति में भंग न होने पाए। यदि गलती से भी गोपनीयता भंग होती है तो वह अपराध की श्रेणी में आएगा। किसी तरह की त्रुटि करने से बेहतर है प्रक्रिया की पूरी जानकारी से अवगत हो जाएं अथवा उच्चाधिकारी से सम्पर्क कर उसके प्रत्येक पहलू से रूबरू हो जाएं। कलेक्टर ने आगे कहा कि वोट दर्ज किए गए बैलेट पेपर को प्रतिदिन वहीं जमा कराएं, जहां से लिया गया हो।
इन 12 वैकल्पिक पहचान पत्र को भी दिखाकर किया जा सकेगा मतदान
प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि यदि किसी वोटर के पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है तो भी 12 प्रकार के वैकल्पिक फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाकर वह मतदान कर सकेगा। इन 12 प्रकार के वैकल्पिक फोटोयुक्त पहचान पत्रों में आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक अथवा डाकघर द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पासबुक शामिल है। इसके अलावा श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र/राज्य सरकार/ लोक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद् सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत के सीईओ एवं डाक मतपत्र के नोडल अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल भी मौजूद थे।